घर आते ही टेबल पर चाबी फेंकने की आदत सुधारें, वरना रूठ जाएंगी लक्ष्मी; जानें चाबी रखने की सही दिशा
अक्सर बाहर से घर लौटते ही हमारी आदत होती है कि जेब या बैग से चाबियां निकालकर सामने दिख रही डाइनिंग टेबल, सोफे या किसी भी पास पड़ी मेज पर फेंक देते हैं। दिखने में यह बेहद सामान्य सी आदत लगती है, लेकिन वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार यह एक बहुत बड़ी गलती है। वास्तु विज्ञान में घर की हर छोटी-बड़ी वस्तु की एक निश्चित दिशा और स्थान तय है। चाबियां सिर्फ ताला खोलने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये आपके भाग्य और तरक्की के बंद दरवाजों को खोलने की चाबी भी हैं। गलत जगह पर रखी गई चाबियां घर की सकारात्मक ऊर्जा को ब्लॉक कर सकती हैं, जिससे आर्थिक तंगी और गृह क्लेश का सामना करना पड़ सकता है।
डाइनिंग टेबल और मुख्य द्वार पर चाबी रखना क्यों है मना?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, डाइनिंग टेबल को परिवार के पोषण और एकजुटता का स्थान माना जाता है। इस पवित्र जगह पर धातु की चाबियां या उनका गुच्छा रखने से परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव और ग्रह-क्लेश की स्थिति पैदा होती है। इसके अलावा, कई लोग सुविधा के लिए मुख्य द्वार (Main Gate) के ठीक पास ही की-होल्डर लगा देते हैं। यह भी पूरी तरह गलत है। मुख्य द्वार से घर में लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है; वहां चाबियां टांगने से वह सकारात्मक ऊर्जा बाहर की तरफ आकर्षित होकर घर से चली जाती है।
किचन और पूजा घर में भूलकर भी न ले जाएं चाबियां
घर के सबसे पवित्र स्थानों में रसोई (Kitchen) और पूजा घर शीर्ष पर आते हैं। वास्तु के अनुसार, चाबियों को इन दोनों ही जगहों पर रखने से सख्त परहेज करना चाहिए। चूंकि चाबियां बाहर से आती हैं, इसलिए उनके साथ बाहरी दुनिया की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) और अशुद्धियां भी जुड़ी होती हैं। इन्हें किचन या मंदिर में रखने से मां अन्नपूर्णा और धन की देवी माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं, जिससे घर की बरकत रुक जाती है।
कुबेर और सूर्य की ये दिशाएं चमकाएंगी आपकी किस्मत
अगर आप चाहते हैं कि आपके जीवन में तरक्की के रास्ते हमेशा खुले रहें, तो चाबियों को रखने के लिए घर की उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा का चुनाव करें। ज्योतिष और वास्तु में उत्तर दिशा को धन के देवता भगवान कुबेर का स्थान माना गया है और पूर्व दिशा को सूर्य देव की ऊर्जा प्राप्त होती है। इन दिशाओं में व्यवस्थित तरीके से रखी गई चाबियां आपके जीवन में धन के आगमन और मान-सम्मान को बढ़ाती हैं।
लिविंग रूम के इस कोने में लगाएं की-होल्डर
यदि आप अपने बैठक रूम यानी लिविंग रूम में चाबियां रखना चाहते हैं, तो वास्तु के अनुसार पश्चिम (West) कोना इसके लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। आप लिविंग रूम की पश्चिम दीवार पर एक सुंदर सा की-होल्डर लगा सकते हैं। इससे घर का वास्तु संतुलन बना रहता है और चाबियां भी सुरक्षित एक जगह पर रहती हैं।
प्लास्टिक नहीं, लकड़ी का की-होल्डर ही क्यों है सर्वश्रेष्ठ?
आजकल बाजार में प्लास्टिक के कई तरह के फैंसी की-होल्डर मिलते हैं, लेकिन वास्तु के नजरिए से प्लास्टिक को नकारात्मक माना जाता है। चाबियों को टांगने के लिए हमेशा लकड़ी (Wooden) से बने की-होल्डर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। लकड़ी एक प्राकृतिक तत्व है, जो बाहर से आने वाली किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा को आसानी से सोख लेती है और उसे घर के भीतर फैलने नहीं देती। इसके साथ ही, चाबियों को हमेशा थोड़ा छिपाकर या व्यवस्थित ढंग से ही टांगना चाहिए, बिखरा हुआ नहीं।
जंग लगी और टूटी हुई चाबियां लाती हैं भयंकर वास्तु दोष
कई बार ताला खराब हो जाने या बदल जाने के बाद भी हम पुरानी, टूटी हुई या जंग लगी चाबियों को घर के किसी कोने में संभालकर रख छोड़ते हैं। वास्तु शास्त्र कहता है कि ऐसी बेकार और कबाड़ हो चुकी चाबियां घर में सीधा राहु और शनि के दोष को बढ़ाती हैं। ये घर में मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान की वजह बनती हैं। इसलिए, अगर आपके घर में भी ऐसी कोई अनुपयोगी चाबी है, तो उसे तुरंत घर से बाहर कर दें।