लखनऊ अग्निकांड का असर: वृंदावन में प्रशासन का महा-अभियान, 19 होटल और गेस्ट हाउस सील, संचालकों ने रद्द की बुकिंग
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में कान्हा की नगरी वृंदावन में बुधवार को अवैध निर्माणों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA), जिला प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन (फायर) विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर क्षेत्र के 19 होटलों, गेस्ट हाउसों, पीजी और रेस्टोरेंटों को पूरी तरह सील कर दिया है।
चैतन्य विहार में चला हंटर, अस्पताल को भी सीलिंग के आदेश
सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला बुधवार सुबह वृंदावन की पॉश कालोनी चैतन्य विहार पहुंचा। यहां जब मानकों की जांच शुरू हुई तो सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां पाई गईं। अधिकांश होटलों और गेस्ट हाउसों के पास न तो स्वीकृत मानचित्र (नक्शा) था और न ही फायर एनओसी (Fire NOC)।
जांच के दौरान टीम उस वक्त हैरान रह गई जब एक आवासीय प्लॉट में अवैध रूप से अस्पताल संचालित होता पाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए अस्पताल को भी सील करने का कड़ा आदेश जारी किया।
"भवन स्वामियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि किसी ने भी सील से छेड़छाड़ की या बिना मानकों और वैध दस्तावेजों के गुपचुप तरीके से दोबारा कमर्शियल गतिविधि शुरू की, तो उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराकर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"
कार्रवाई के डर से होटलों में लटके ताले, बुकिंग की गई कैंसिल
प्रशासन की इस ताबड़तोड़ छापेमारी का असर वृंदावन के चैतन्य विहार और रुक्मिणी विहार कालोनियों में साफ देखने को मिला। सीलिंग के डर से कई होटल और गेस्ट हाउस संचालक अपने प्रतिष्ठानों पर बाहर से ताला लटकाकर फरार हो गए। हालांकि, टीम ने एक गेस्ट हाउस का गेट खुलवाकर अंदर सघन जांच की और अनियमितता मिलने पर उसे भी सील कर दिया।
इस हड़कंप के बीच होटल संचालकों ने सीलिंग के डर से यात्रियों की मौजूदा रूम बुकिंग को आनन-फानन में रद्द (Cancel) करना शुरू कर दिया है, साथ ही आगामी दिनों के लिए नई बुकिंग लेने से भी पूरी तरह हाथ खड़े कर दिए हैं।
मथुरा के धौलीप्याऊ में भारी विरोध, पैर पीछे खींचने को मजबूर हुई टीम
जहां एक तरफ वृंदावन में प्रशासन का डंडा चला, वहीं मथुरा के धौलीप्याऊ क्षेत्र में प्राधिकरण की टीम को स्थानीय लोगों और व्यापारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सहायक अभियंता मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में जैसे ही टीम धौलीप्याऊ पहुंची, लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी।
माहौल बिगड़ता देख टीम को पहली बार में बैरंग लौटना पड़ा। दोपहर में दोबारा कोशिश की गई, लेकिन स्थानीय विरोध और पुलिस चौकी से पर्याप्त फोर्स न मिल पाने के कारण मथुरा शहर के इस इलाके में फिलहाल सीलिंग की कार्रवाई टल गई।
इन अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ बड़ा एक्शन
इस महा-अभियान के दौरान नगर निगम मथुरा-वृंदावन की सहायक नगर आयुक्त कल्पना चौहान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा नामित सदस्य, एमवीडीए के सहायक अभियंता पंकज शुक्ला व सुमित कुमार द्वितीय शामिल रहे। इसके अलावा बिजली विभाग (दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम) के एसडीओ और अवर अभियंता सुनील राजौरिया, अनिल सिंघल, हिमांशु दिवाकर तथा विप्रा के ड्राफ्टमैन एसयूए रीजवी भी अपनी टीम के साथ मौके पर मुस्तैद रहे ताकि अवैध रूप से चल रहे कनेक्शनों को भी काटा जा सके।