पाकिस्तान से जंग हुई तो क्या भारत के खिलाफ उतरेंगे तुर्किए और सऊदी अरब, जानिए पूरा सच
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा भूचाल लाते हुए सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस तथाकथित 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तहत यह प्रावधान किया गया है कि यदि तीनों देशों में से किसी एक पर भी कोई सशस्त्र हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इस नई सुरक्षा व्यवस्था में तेल-समृद्ध देश सऊदी अरब, परमाणु हथियार संपन्न पाकिस्तान और नाटो (NATO) की दूसरी सबसे बड़ी सेना रखने वाला तुर्किए एक साथ आए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच हुए इस समझौते ने वैश्विक कूटनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
क्या है नया 'मक्का समझौता' और इसके मायने
सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का में हुए इस समझौते पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित बाहरी आक्रामकता के खिलाफ आपसी सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करना है। समझौते की मूल भाषा नाटो के प्रसिद्ध अनुच्छेद 5 (Article 5) से काफी मिलती-जुलती है, जिसके तहत एक सदस्य देश पर हमला होने पर सभी सदस्य उसकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होते हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही मीडिया इसे 'मुस्लिम नाटो' की संज्ञा दे रहा हो, लेकिन यह औपचारिक रूप से पश्चिमी देशों के नाटो जैसा पूर्ण सैन्य गठबंधन नहीं है।
अगर भारत और पाकिस्तान में हुआ संघर्ष, तो क्या सऊदी-तुर्किए आएंगे साथ
इस रक्षा समझौते के सामने आने के बाद सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि यदि भविष्य में भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सैन्य संघर्ष या जंग होती है, तो क्या इस समझौते के तहत तुर्किए और सऊदी अरब भी भारत के खिलाफ युद्ध के मैदान में उतरेंगे? इस कूटनीतिक पहेली को समझने के लिए तीनों देशों के आपसी हितों और भारत के साथ उनके द्विपक्षीय संबंधों का आकलन करना जरूरी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देश भारत के साथ अपने रणनीतिक, ऊर्जा और आर्थिक संबंधों को बहुत महत्व देते हैं। ऐसे में, भारत के खिलाफ किसी सीधे सैन्य संघर्ष में उतरना इन देशों के अपने दीर्घकालिक राष्ट्रीय हितों के विपरीत होगा।