गैस सिलिंडर बुकिंग को लेकर नया नियम, 10 दिन में नहीं लिया तो बुकिंग होगी रद्द; पैनिक बुकिंग पर लगाम

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। तेल कंपनियों ने अब गैस सिलिंडर की बुकिंग और उसकी डिलीवरी को लेकर नियमों में सख्ती कर दी है। नए आदेश के मुताबिक, यदि किसी उपभोक्ता ने गैस सिलिंडर बुक किया है और 10 दिनों के भीतर उसकी डिलीवरी नहीं ली, तो वह बुकिंग अपने आप निरस्त (Cancel) कर दी जाएगी। प्रशासन ने यह कदम 'पैनिक बुकिंग' को रोकने और गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए उठाया है।

जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि कई उपभोक्ता जरूरत न होने पर भी निर्धारित समय सीमा (शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन) पूरी होते ही तुरंत बुकिंग करा लेते हैं। जब हॉकर सिलिंडर लेकर पहुंचता है, तो पुराना सिलिंडर खाली न होने के कारण उसे वापस भेज दिया जाता है। इससे एजेंसियों का बैकहॉग बढ़ रहा है और जरूरतमंदों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है।

10 दिन की मोहलत, फिर दोबारा करनी होगी बुकिंग

अब अगर बुकिंग के 10 दिन के भीतर उपभोक्ता सिलिंडर नहीं लेता है, तो गैस एजेंसी की संस्तुति पर तेल कंपनी उस बुकिंग को रद्द कर देगी। हालांकि, इसमें उपभोक्ताओं के लिए एक राहत की बात यह है कि दोबारा बुकिंग करने के लिए उन्हें 25 या 45 दिन का इंतजार नहीं करना होगा। बुकिंग रद्द होने के बाद उपभोक्ता कभी भी दोबारा बुकिंग करा सकते हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत नया 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) मिल जाएगा।

शहर और गांव के लिए अलग-अलग नियम

वर्तमान में महानगर के उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन और ग्रामीण इलाकों के लिए 45 दिन के अंतराल पर बुकिंग का नियम लागू है। छोटे परिवारों में अक्सर 25 दिन में गैस खत्म नहीं होती, लेकिन बुकिंग सुरक्षित करने के चक्कर में लोग आवेदन कर देते हैं। प्रशासन की इस नई पहल से उन लोगों को फायदा होगा जिन्हें वास्तव में गैस की तत्काल आवश्यकता है।

सावधान! हॉकरों के झांसे में न आएं

सप्लाई चेन में सख्ती बढ़ने के बाद कुछ हॉकरों द्वारा खेल करने की खबरें भी सामने आ रही हैं। शिकायतें मिली हैं कि कुछ हॉकर कम खपत वाले ग्राहकों से उनका डीएसी (DAC) कोड मांग रहे हैं और वादा कर रहे हैं कि जरूरत पड़ने पर वे किसी और के कोड पर सिलिंडर दे देंगे। जिला प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी स्थिति में अपना डीएसी कोड किसी अज्ञात व्यक्ति या हॉकर को साझा न करें। कोड तभी दें जब आपके पास भरा हुआ सिलिंडर पहुंच जाए।

जरूरत पड़ने पर ही करें बुकिंग

अधिकारियों ने अपील की है कि उपभोक्ता तभी बुकिंग कराएं जब उन्हें वास्तव में सिलिंडर की जरूरत हो। जैसे ही आप दोबारा बुकिंग करेंगे, डीएसी कोड प्राप्त होते ही गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इस नई व्यवस्था से गैस की कालाबाजारी पर भी लगाम लगेगी और डेटा में दिख रही गैस की कृत्रिम कमी (Backlog) भी समाप्त होगी।