सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार, बोले- 'नारी गरिमा के दुश्मन हैं सपा-कांग्रेस'; जन आक्रोश रैली में उमड़ा महिलाओं का सैलाब

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंगलवार को एक ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन की गवाह बनी। लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण बिल) को पारित होने से रोकने वाले विपक्षी दलों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मोर्चा संभालते हुए सड़कों पर उतरे। सीएम आवास से विधान भवन तक निकाली गई इस विशाल 'जन आक्रोश पदयात्रा' में हजारों महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा, जो तेज धूप और गर्मी की परवाह किए बिना अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद कर रहा था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रैली के जरिए विपक्ष के 'महिला विरोधी' चेहरे को बेनकाब किया। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के अन्य दलों ने इस बिल में बाधा डालकर यह साबित कर दिया है कि उनका आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल है।

मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक गूंजे नारे

पूर्वाह्न करीब 10 बजे जब मुख्यमंत्री आवास से यह पदयात्रा शुरू हुई, तो पूरा इलाका 'नारी के सम्मान में-एनडीए मैदान में' और 'महिला अधिकारों पर वार-सपा-कांग्रेस जिम्मेदार' जैसे नारों से गूंज उठा। सीएम योगी के साथ मंत्रिमंडल के सहयोगी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे। हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं का आक्रोश साफ संदेश दे रहा था कि अब आधी आबादी अपने हक के लिए चुप नहीं बैठने वाली।

विपक्ष ने गंवाया अपनी छवि सुधारने का मौका: सीएम योगी

विधान भवन के सामने जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों को अपनी नकारात्मक छवि सुधारने का एक सुनहरा अवसर दिया था, लेकिन इन्होंने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले ऐतिहासिक बिल को बाधित कर उनके साथ अन्याय किया है।" उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छ भारत मिशन से लेकर उज्ज्वला योजना तक, केंद्र की हर नीति के केंद्र में नारी का सम्मान है, जबकि विपक्ष हर कल्याणकारी कदम का विरोध करता है।

सुरक्षा और स्वावलंबन की 'डबल इंजन' प्रतिबद्धता

योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य का एक-एक नागरिक आधी आबादी की इस न्यायोचित मांग के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2029 तक आरक्षण लागू करने के प्रति सरकार गंभीर है और विपक्ष की कोई भी बाधा इस संकल्प को डिगा नहीं पाएगी।

प्रचंड गर्मी पर भारी पड़ा महिलाओं का संकल्प

लखनऊ में तापमान बढ़ने के बावजूद महिलाओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सिविल हॉस्पिटल होते हुए जब यह हुजूम आगे बढ़ा, तो आम जनता ने भी तालियों के साथ इसका स्वागत किया। रैली में छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया। महिलाओं ने विशेष रूप से सपा और कांग्रेस की मानसिकता को चुनौती देते हुए कहा कि अब देश की नारी जाग चुकी है और वह सड़कों पर ही इसका जवाब देगी।