बंगाल चुनाव खत्म होते ही I-PAC डायरेक्टर विनेश चंदेल को मिली बेल, ED ने नहीं किया विरोध
India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान संपन्न होने के ठीक एक दिन बाद, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राजनीतिक सलाहकार फर्म I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के को-फाउंडर और डायरेक्टर विनेश चंदेल को नियमित जमानत दे दी है। मनी लॉन्ड्रिंग और कोयला घोटाले से जुड़े इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस बार उनकी जमानत का विरोध नहीं किया।
टाइमिंग पर उठ रहे सवाल
विनेश चंदेल की रिहाई की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। चंदेल को 13 अप्रैल को बंगाल चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले गिरफ्तार किया गया था। अब, बुधवार (29 अप्रैल) को अंतिम चरण का मतदान खत्म होते ही गुरुवार सुबह उन्हें अदालत से राहत मिल गई। विपक्षी दलों ने उनकी गिरफ्तारी को "चुनावी रणनीति को बाधित करने की कोशिश" बताया था, जबकि अब रिहाई पर ईडी के रुख को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ED का नरम रुख और कोर्ट की शर्तें
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल की कोर्ट में सुनवाई के दौरान, जांच अधिकारी ने बताया कि विनेश चंदेल जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं। ईडी ने उनकी जमानत पर आपत्ति नहीं जताई, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 2 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, उन पर कुछ सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं:
वह बिना कोर्ट की अनुमति के देश छोड़कर नहीं जा सकते।
वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे और गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे।
जांच एजेंसी जब भी पूछताछ के लिए बुलाएगी, उन्हें हाजिर होना होगा।
दो दिन पहले ही खारिज हुई थी अंतरिम जमानत
दिलचस्प बात यह है कि इसी सप्ताह मंगलवार (28 अप्रैल) को कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। चंदेल ने अपनी 74 वर्षीय मां, जो डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) से पीड़ित हैं, की सेवा के लिए मानवीय आधार पर राहत मांगी थी। तब अदालत ने कहा था कि आर्थिक अपराधों में केवल पारिवारिक आधार पर अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। हालांकि, नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आज उन्हें जेल से बाहर आने का रास्ता दे दिया।
क्या है कोयला घोटाला मामला?
यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल के ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) से अवैध रूप से कोयला निकालने और उसकी तस्करी से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि इस घोटाले से हुई कमाई का एक हिस्सा (लगभग 20 करोड़ रुपये) हवाला के जरिए I-PAC तक पहुंचा था। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि इन रुपयों का इस्तेमाल चुनावी प्रबंधन और जनमत को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में किया गया।
विनेश चंदेल, जो भोपाल के NLIU से कानून स्नातक हैं, I-PAC में 33% हिस्सेदारी रखते हैं। उनकी रिहाई अब बंगाल चुनाव के नतीजों (4 मई) से ठीक पहले हुई है, जिससे चुनावी रणनीतियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों की दिलचस्पी बढ़ गई है।