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August 14 2026 03:31 pm

ओडिशा में मानवता शर्मसार: बैंक से पैसे निकालने के लिए बहन का कंकाल ले पहुंचा शख्स; सीएम ने दिए जांच के आदेश

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India News Live,Digital Desk : ओडिशा के क्योंझर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने बैंकिंग व्यवस्था की संवेदनशीलता और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक गरीब आदिवासी व्यक्ति को अपनी मृत बहन के खाते से पैसे निकालने के लिए उसका कंकाल कब्र से निकालकर बैंक तक ले जाना पड़ा। यह कदम उसने तब उठाया जब बैंक अधिकारियों ने कथित तौर पर मृतक को 'व्यक्तिगत रूप से पेश' करने की शर्त रखी थी। सोशल मीडिया पर जीतू मुंडा का कंकाल ले जाते हुए वीडियो वायरल होने के बाद अब मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

बैंक की जिद और एक भाई की बेबसी

क्योंझर जिले के जीतू मुंडा की बहन कालरा का निधन 26 जनवरी को हो गया था। कालरा के बैंक खाते में करीब 20,000 रुपये जमा थे। जीतू का आरोप है कि वह कई बार बैंक गया और अपनी बहन की मृत्यु की जानकारी दी, लेकिन बैंक कर्मचारी बार-बार यही कहते रहे कि जब तक खाताधारक खुद बैंक नहीं आएगी, पैसे नहीं मिलेंगे। थक-हारकर जीतू ने अपनी बहन का शव कब्र से निकाला और उसे लेकर सीधे बैंक की शाखा पहुंच गया। कंकाल को बैंक के भीतर देख वहां मौजूद अधिकारियों और ग्राहकों में हड़कंप मच गया।

बैंक की सफाई: प्रक्रिया समझने में हुई चूक

मामले के तूल पकड़ने के बाद बैंक ने एक बयान जारी कर अपना बचाव किया है। बैंक का कहना है कि यह घटना मृतक के दावों के निपटान (Claim Settlement) की प्रक्रिया के बारे में जागरूकता की कमी के कारण हुई। बैंक के मुताबिक, मैनेजर ने नियम समझाने की कोशिश की थी, लेकिन जीतू उसे समझ नहीं पाया। बैंक ने दावा किया कि उनका उद्देश्य गरीब आदिवासी महिला के पैसों की सुरक्षा करना था और इसमें उत्पीड़न की कोई मंशा नहीं थी। हालांकि, स्थानीय पुलिस का कहना है कि जीतू अनपढ़ है और बैंक उसे वारिस या नॉमिनी की कानूनी बारीकियां समझाने में विफल रहा।

मुख्यमंत्री का कड़ा रुख और सहायता

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने उत्तरी संभाग के राजस्व आयुक्त को मामले की विस्तृत जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुझाव देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को जनता के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए।

आर्थिक मदद: प्रभावित जीतू मुंडा को जिला रेड क्रॉस कोष से 30,000 रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की गई है।

दस्तावेजीकरण: प्रशासन ने जीतू को उसकी बहन का मृत्यु प्रमाणपत्र और उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession Certificate) भी उपलब्ध कराया है।

जमा राशि की वापसी: सरकारी हस्तक्षेप के बाद बैंक ने मंगलवार को उसकी बहन की जमा राशि उसे सौंप दी है।

पुलिस ने दोबारा कराया अंतिम संस्कार

पटना पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक किरण प्रसाद साहू ने बताया कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को संभाला गया। बैंक में लाए गए कंकाल को वापस कब्रिस्तान ले जाया गया, जहां उसे पूरे सम्मान के साथ दोबारा दफनाया गया। पुलिस ने इस पूरे मामले में बैंक की कार्यप्रणाली की भी रिपोर्ट तैयार की है।