एचपीसीएल और टाटा मोटर्स ने इस्तेमाल किए गए ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के लिए एक स्केलेबल सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल विकसित करने के लिए साझेदारी की है

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एचपीसीएल और टाटा मोटर्स ने इस्तेमाल किए गए ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के लिए एक स्केलेबल सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल विकसित करने के लिए साझेदारी की है

 

मुंबई, 26 मई 2026: हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), जो एक महारत्न तेल विपणन कंपनी है, और टाटा मोटर्स, जो भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी है, ने इस्तेमाल हो चुके ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के ज़िम्मेदार संग्रह और रीसाइक्लिंग के लिए एक व्यवस्थित और विस्तार योग्य मॉडल का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह सहयोग दो प्रमुख भारतीय संगठनों की पूरक शक्तियों को एक महत्वपूर्ण सस्टेनेबिलिटी चुनौती से निपटने के लिए एक साथ लाता है, साथ ही यह भारत के लगातार विकसित हो रह एक्‍सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्‍पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) नियमों के पालन में भी मदद करेगी।

इस पहल का उद्देश्य इस्तेमाल किए गए लुब्रिकेंट्स—जिन्हें खतरनाक कचरा माना जाता है—के प्रबंधन के लिए एक व्यवस्थित और ट्रैक करने योग्य प्रणाली स्थापित करना है; इसमें इनके संग्रह और भंडारण से लेकर रीसाइक्लिंग तक सब कुछ शामिल है। इस प्रक्रिया से इन्हें उच्च-गुणवत्ता वाले री-रिफाइंड बेस ऑयल में बदला जा सकेगा, जिससे संसाधनों की दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय जोखिम कम होगा। उम्मीद है कि यह पायलट प्रोजेक्ट जिम्मेदार कचरा प्रबंधन के लिए नए मानक स्थापित करेगा और भारत को एक चक्रीय, संसाधन-कुशल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने में सहायता देगा।

इस अवसर पर एचपीसीएल के एक्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर–ल्‍युब्‍स, श्री च. श्रीनिवास ने कहा कि , “प्रयुक्त तेल में वास्तविक चक्रीयता प्राप्त करने की शुरुआत परिष्कृत आधार तेल को तैयार स्नेहकों में पुनः एकीकृत करने से होती है। टाटा मोटर्स के साथ हमारा सहयोग प्रयुक्त तेल चक्रीयता के लिए एक स्केलेबल मॉडल बनाने और परिचालन कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

वहीं टाटा मोटर्स के हेड– पार्ट्स एंड सर्विसेज, श्री विक्रम अग्रवाल ने कहा, “इस्तेमाल हो चुके ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट को अगर ज़िम्मेदारी से न संभाला जाए, तो इससे पर्यावरण को लंबे समय तक नुकसान पहुँच सकता है। इस चुनौती से निपटने के लिए भरोसेमंद पार्टनर, साफ़ प्रोसेस और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता की ज़रूरत होती है। HPCL कई मामलों में टाटा मोटर्स का एक भरोसेमंद पार्टनर रहा है, और इस सहयोग से हम व्यवस्थित और ज़िम्मेदार रीसाइक्लिंग की दिशा में एक अहम कदम उठा पाए हैं। दोनों संगठनों की मिली-जुली ताक़त के साथ, हमारा मानना ​​है कि यह पायलट प्रोजेक्ट पूरे इंडस्ट्री में इसे अपनाने के लिए एक मज़बूत नींव रखने में मदद कर सकता है।”

इस साझेदारी के तहत एचपीसीएल अधिकृत चैनलों के माध्यम से इस्तेमाल किए गए लुब्रिकेंट्स के संग्रह और परिवहन का काम संभालेगा तथा उन्हें पंजीकृत रिसाइक्लर्स तक पहुंचाएगा। वहीं टाटा मोटर्स अपने व्यापक अधिकृत सर्विस नेटवर्क का लाभ उठाकर, अपने पूरे इकोसिस्टम में व्यवस्थित संग्रह को सक्षम बनाएगी और ज़िम्मेदार निपटान प्रथाओं को बढ़ावा देगी।

यह पायलट प्रोजेक्ट देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में शुरू किया जाएगा। इसकी निगरानी और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं का मूल्यांकन दोनों कंपनियों की संयुक्त समिति करेगी।

एक संपूर्ण मोबिलिटी समाधान प्रदाता के तौर पर, टाटा मोटर्स अपने कमर्शियल वाहन पोर्टफोलियो को ‘संपूर्ण सेवा 2.0’ के साथ पूरा करती है। इसके तहत कंपनी वाहन के पूरे जीवनचक्र से जुड़े समाधान उपलब्ध कराती है, जिसमें निश्चित टर्नअराउंड समय, सालाना रखरखाव अनुबंध और असली स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता शामिल है। इन सेवाओं को ‘Fleet Edge’ के ज़रिए और भी मज़बूत बनाया गया है। यह टाटा मोटर्स का एक ‘कनेक्टेड व्हीकल प्लेटफ़ॉर्म’ है, जो डेटा-आधारित फ्लीट ऑप्टिमाइज़ेशन और वाहनों के बेहतर ‘अपटाइम’ (चालू रहने के समय) को सुनिश्चित करता है। पूरे भारत में, टाटा मोटर्स के 4,500 से ज़्यादा बिक्री और सेवा केंद्र मौजूद हैं।

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