ईरान का 'न्यूक्लियर डस्ट' कैसे होगा खत्म? डोनाल्ड ट्रंप ने बताया पूरा प्लान, क्या मान जाएगा तेहरान

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India News Live, Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को पूरी तरह से नष्ट करने का एक नया और बड़ा फॉर्मूला पेश किया है। संघर्ष-विराम वार्ता के बीच आए ट्रंप के इस बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल तेज कर दी है। ट्रंप का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ क्षेत्र में शांति आएगी, बल्कि परमाणु हथियारों की होड़ पर भी लगाम लगेगी।

ट्रंप का 'न्यूक्लियर डस्ट' फॉर्मूला: अमेरिका को सौंपो या खुद करो नष्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के जरिए अपनी रणनीति साझा की। उन्होंने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को "न्यूक्लियर डस्ट" करार देते हुए कहा कि इसे खत्म करने के दो ही रास्ते हैं। पहला रास्ता यह है कि ईरान इस यूरेनियम को तुरंत संयुक्त राज्य अमेरिका को सौंप दे ताकि उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जा सके।

दूसरा और अधिक व्यावहारिक विकल्प देते हुए ट्रंप ने कहा कि बेहतर होगा यदि इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ मिलकर, उनके समन्वय से इसे ईरान में ही या किसी अन्य स्वीकार्य स्थान पर नष्ट कर दिया जाए। ट्रंप ने साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी परमाणु ऊर्जा आयोग (Atomic Energy Commission) या उसके समकक्ष किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा की जानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

तेहरान के रुख में नरमी के संकेत, बातचीत का दौर जारी

ट्रंप के इस बयान के पीछे एक बड़ा कूटनीतिक संकेत भी छिपा है। उन्होंने इशारा किया कि यह फैसला ईरान के साथ "मिलकर और सहयोग से" लिया जाएगा। जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख दिखाता है कि तेहरान अब अपने कड़े रुख को थोड़ा नरम कर रहा है। दोनों देश इस समय एक बड़े शांति समझौते तक पहुंचने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निर्णय में अभी थोड़ा समय लग सकता है, क्योंकि ईरानी अधिकारियों को अपने सर्वोच्च नेता से परामर्श करने के लिए एक जटिल संचार नेटवर्क का सहारा लेना पड़ता है।

अब्राहम अकॉर्ड्स का होगा विस्तार? ट्रंप ने रखी बड़ी शर्त

शांति वार्ता के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति के लिए 'अब्राहम अकॉर्ड्स' (Abraham Accords) का कार्ड भी खेल दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत "अच्छी तरह" आगे बढ़ रही है, लेकिन वह चाहते हैं कि इस शांति वार्ता में शामिल सभी देश अब्राहम अकॉर्ड्स पर हस्ताक्षर करें।

आपको बता दें कि अब्राहम अकॉर्ड्स इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने से जुड़ा एक ऐतिहासिक समझौता है। अगर ईरान या उससे जुड़े देश इस पर आगे बढ़ते हैं, तो यह मिडिल ईस्ट की जियोपॉलिटिक्स को पूरी तरह बदल कर रख देगा। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वह ट्रंप के इस 'न्यूक्लियर डस्ट' प्लान को स्वीकार करता है या नहीं।