कानपुर में भीषण सड़क हादसा रामगंगा नहर में गिरी 40 सवारियों से भरी बस,रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार सुबह बिधनू थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए रामगंगा नहर में जा गिरी। हादसे के समय बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी, जिससे मौके पर कोहराम मच गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) के लिए मौके पर मौजूद हैं।
हादसे का मंजर: रेलिंग उखाड़ते हुए नहर में समाई बस
चश्मदीदों के मुताबिक, बस की रफ्तार काफी अधिक थी। कानपुर-सागर हाईवे पर स्थित रामगंगा नहर के पुल के पास पहुंचते ही चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित बस पहले सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग से जोरदार तरीके से टकराई और उसे उखाड़ते हुए सीधे नहर में जा गिरी।राहत की बात: गनीमत यह रही कि बस बीच धारा में जाने के बजाय किनारे की ढलान पर अटक गई। अगर बस पूरी तरह पानी में डूब जाती, तो जनहानि का आंकड़ा बेहद भयावह हो सकता था।
रेस्क्यू और मेडिकल अपडेट
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और बिधनू पुलिस ने मोर्चा संभाला। बचाव कार्य से जुड़ी मुख्य बातें:
शीशे तोड़कर निकाले गए यात्री: बस के अंदर फंसे लोगों को खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकाला जा रहा है।
एक दर्जन से अधिक घायल: प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, 12 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल हैं।
अस्पताल में भर्ती: घायलों को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है।
क्रेन की मदद: मौके पर क्रेन बुलाई गई है ताकि बस को सीधा कर यह चेक किया जा सके कि कोई यात्री बस के नीचे तो नहीं दबा है।
हाईवे पर घंटों लगा रहा जाम
इस भीषण हादसे के बाद कानपुर-सागर हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे एंबुलेंस और राहत दल को पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल यातायात को सुचारू कराने और भीड़ को नियंत्रित करने में जुटा है।
शासन का सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं:
त्वरित राहत: घायलों को बिना देरी किए उपचार उपलब्ध कराया जाए।
जांच के आदेश: हादसे की वजह नींद की झपकी थी या बस में कोई तकनीकी खराबी, इसकी गहन जांच की जाए।
फिलहाल प्रशासन की पूरी प्राथमिकता बस के अंदर फंसे अंतिम व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने और हाईवे पर यातायात बहाल करने की है।