'जेठ' में 'सावन' जैसा अहसास पश्चिमी विक्षोभ ने उतारा तपिश का गुरूर, बारिश से तापमान में भारी गिरावट
India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों सहित कई जिलों में पिछले पांच दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर मंगलवार को अपने चरम पर रहा। मई की झुलसा देने वाली गर्मी, जिसे ग्रामीण भाषा में 'जेठ की तपिश' कहा जाता है, उसे सावन जैसी रिमझिम फुहारों ने पूरी तरह शांत कर दिया है। तेज हवाओं और रुक-रुक कर हुई बारिश की वजह से दिन और रात के तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।
तापमान में भारी गिरावट: कूलर-पंखे हुए बंद
मंगलवार को मौसम विभाग ने जिले में 4.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की। इस बारिश का सबसे बड़ा असर पारे पर पड़ा:
अधिकतम तापमान: मंगलवार को अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 7.3 डिग्री कम है। सोमवार की तुलना में इसमें 3.3 डिग्री की कमी आई।
न्यूनतम तापमान: रात का तापमान गिरकर 21.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है।
राहत: ठंडी हवाओं और गिरते पारे के कारण आलम यह रहा कि लोगों को रात में पंखे और कूलर तक बंद करने पड़े। मई के महीने में ऐसी ठंडक ने लोगों को हैरान और खुश दोनों किया है।
कैसा रहा मंगलवार का मिजाज?
सोमवार की आंधी के बाद मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादलों की लुका-छिपी जारी रही। सुबह 11 बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी दोपहर बाद तक चलती रही। शाम को कुछ देर के लिए धूप जरूर निकली, लेकिन हवाओं की ठंडक ने उमस और गर्मी को हावी नहीं होने दिया। तराई के इलाकों में दिनभर ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे जनजीवन को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
आगे कैसा रहेगा मौसम? (IMD अलर्ट)
मौसम विभाग के अनुसार, अभी राहत का यह सिलसिला थमने वाला नहीं है:
बुधवार (आज): आज भी तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने के प्रबल आसार हैं।
7 और 8 मई: इन दो दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जिससे धूप का असर कम रहेगा।
अनुमान: विभाग का मानना है कि आने वाले 2-3 दिनों तक तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम है।
किसानों और आम जनजीवन पर असर
जहां एक ओर सुहावने मौसम ने आम लोगों को राहत दी है, वहीं किसानों के लिए भी यह हल्की बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि, तेज हवाओं ने कुछ जगहों पर बागवानी फसलों को प्रभावित किया है, लेकिन कुल मिलाकर इस बेमौसमी बदलाव ने 'लू' के खतरे को फिलहाल टाल दिया है।