यूपी में गर्मी का 'तांडव': बांदा 44.4 डिग्री के साथ सबसे गर्म, मौसम विभाग ने जारी किया हीटवेव का रेड अलर्ट
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में सूरज की तपिश अब जानलेवा होने लगी है। खासकर बुंदेलखंड के इलाकों में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बांदा जिला वर्तमान में पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे गर्म स्थान बना हुआ है, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। शुष्क और गर्म पछुआ हवाओं ने लू (Heatwave) के खतरे को और बढ़ा दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
बांदा में रिकॉर्ड तोड़ पारा: सुबह से ही दिखने लगे तेवर
गुरुवार को बांदा का अधिकतम तापमान 44.4°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से कहीं अधिक है। हालांकि यह बुधवार के 44.8°C के मुकाबले मामूली कम है, लेकिन तपिश में कोई कमी महसूस नहीं की गई। न्यूनतम तापमान 24.4°C रहने के कारण रातें भी अब गर्म होने लगी हैं। सुबह 11 बजे के बाद ही सड़कें सूनी होने लगती हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। स्टेडियम और पार्कों में टहलने वाले लोग भी अब सूरज निकलते ही घर भाग रहे हैं।
हीटवेव का अलर्ट: डॉक्टरों ने दी दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह
मौसम विभाग ने बांदा सहित आसपास के कई जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है। गर्म हवाओं के कारण शरीर में पानी की कमी और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
समय का ध्यान: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी, ओआरएस (ORS) या नींबू-पानी पीते रहें।
बचाव: अगर बाहर निकलना जरूरी हो, तो सिर को कपड़े या छाते से ढककर रखें और सूती कपड़े पहनें।
राहत की उम्मीद: क्या होगी बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में शुष्क और गर्म हवाओं का प्रभाव है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने एक राहत भरी खबर भी दी है। अनुमान है कि बांदा और उसके आसपास के क्षेत्रों में आगामी दो दिनों तक हल्की बदली छाई रह सकती है। यदि ऐसा होता है, तो तापमान में 4°C से 5°C तक की गिरावट आ सकती है और पारा 40°C के करीब पहुंच सकता है।
उमस ने भी बढ़ाई मुश्किलें
केवल बांदा ही नहीं, बल्कि यूपी के कई शहरों में गुरुवार को पारा 40 डिग्री के पार रहा। धूप के साथ-साथ अब कई इलाकों में उमस वाली गर्मी भी सताने लगी है। बिना कूलर या एसी के रहना मुश्किल हो गया है। हवा की दिशा और रफ्तार में हुए बदलाव ने हीटवेव के खतरे को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।