महिला आरक्षण पर मायावती का बड़ा दांव: विरोधियों को बताया 'गिरगिट', बोलीं- 'जो मिल रहा है, अभी वही ले लो'
India News Live,Digital Desk : महिला आरक्षण अधिनियम को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। मायावती ने शोषित और वंचित वर्ग की महिलाओं को सलाह दी है कि आरक्षण के मुद्दे पर अभी जो भी मिल रहा है, उसे स्वीकार कर लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस, भाजपा और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें दलित और पिछड़ा विरोधी करार दिया है।
कांग्रेस 'गिरगिट' की तरह बदलती है रंग: मायावती का तीखा हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए मायावती ने कांग्रेस की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस को 'गिरगिट' की संज्ञा देते हुए कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों के मामले में कांग्रेस का इतिहास हमेशा से संदेहास्पद रहा है। मायावती के अनुसार, जब केंद्र में कांग्रेस की सत्ता थी, तब उसने इन वर्गों को हक दिलाने के लिए कुछ नहीं किया और अब राजनीतिक मजबूरी में महिला आरक्षण में कोटे की बात कर रही है।
समाजवादी पार्टी के 'दोहरे चरित्र' पर भी साधा निशाना
मायावती ने केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी (सपा) को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने पुरानी फाइलों का जिक्र करते हुए कहा कि 1994 में पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट आने के बाद भी तत्कालीन सपा सरकार ने पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी का लाभ नहीं दिया था। उन्होंने दावा किया कि जब बाद में प्रदेश में बसपा की सरकार बनी, तभी इस निर्णय को लागू किया गया। मायावती ने सपा पर आरोप लगाया कि वह सत्ता में कुछ और विपक्ष में कुछ और रुख अपनाकर 'दोहरा चरित्र' दिखाती है।
परिसीमन और जनगणना पर मायावती की राय
महिला आरक्षण को जल्द लागू करने के मुद्दे पर बसपा प्रमुख ने एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वाकई गंभीर है, तो उसे नई जनगणना का इंतजार करने के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन कर आरक्षण लागू कर देना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि एससी, एसटी, ओबीसी और मुस्लिम समाज के असली हितों के लिए कोई भी दल पूरी तरह गंभीर नहीं है, इसलिए वर्तमान में मिल रहे लाभ को ठुकराना नहीं चाहिए।
"अच्छा समय आने पर हम ध्यान रखेंगे"
अपने समर्थकों और बहुजन समाज को भरोसा दिलाते हुए मायावती ने कहा, "महिला आरक्षण में अभी जो भी मिल रहा है, वही ले लो। अच्छा समय आने पर उनके (एससी/एसटी/ओबीसी) हितों का उचित ध्यान रखा जाएगा।" उन्होंने समाज से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपनी राजनीतिक शक्ति को पहचानें। मायावती का यह बयान इस मायने में महत्वपूर्ण है कि उन्होंने आरक्षण के भीतर आरक्षण की मांग को छोड़े बिना भी वर्तमान बिल का समर्थन करने का संकेत दिया है।