BREAKING:
May 06 2026 09:00 pm

हवाई का 'किलाऊआ' ज्वालामुखी फिर हुआ दहक 650 फीट ऊंचे लावे के फव्वारे और राख का अलर्ट

Post

India News Live, Digital Desk : प्रकृति का रौद्र रूप एक बार फिर हवाई द्वीप (Big Island of Hawaii) पर देखने को मिल रहा है। दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक, किलाऊआ (Kilauea) में मंगलवार, 5 मई 2026 को एक बड़ा विस्फोट हुआ। ज्वालामुखी के क्रेटर से लावे के विशाल फव्वारे फूट पड़े, जिससे पूरा इलाका लाल रोशनी से सराबोर हो गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और हवाई ज्वालामुखी वेधशाला (HVO) ने इस घटना को 'एपिसोड 46' नाम दिया है।

9 घंटे तक चला 'अग्नि तांडव'

मंगलवार सुबह करीब 8:17 बजे (स्थानीय समय) शुरू हुआ यह विस्फोट लगभग 9 घंटे तक लगातार जारी रहा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ज्वालामुखी के उत्तरी वेंट (North Vent) से लावा 650 फीट (करीब 200 मीटर) की ऊंचाई तक हवा में उछल रहा था। शाम 5:22 बजे के करीब यह विस्फोट अचानक रुक गया, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने सतर्कता कम नहीं की है।

आसमान में 20,000 फीट तक फैला राख का गुबार

ज्वालामुखी फटने के साथ ही राख और धुएं का एक विशाल गुबार आसमान में 20,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया।

हवाई उड़ानों पर खतरा: राख के इन कणों के कारण विमानन क्षेत्र के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है।

स्वास्थ्य चेतावनी: नेशनल वेदर सर्विस ने हवाई के दक्षिण-पूर्वी इलाकों के लिए 'ऐशफॉल एडवाइजरी' जारी की है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कांच जैसे कण (Pele's hair) और राख सांस लेने में समस्या पैदा कर सकते हैं। स्थानीय लोगों को मास्क पहनने और घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

'एपिसोड 46' के बाद क्या हैं हालात?

ज्वालामुखी के शांत होने के बाद USGS ने अलर्ट लेवल को 'वॉच' (Watch) से घटाकर 'एडवाइजरी' (Advisory) कर दिया है। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि क्रेटर के भीतर लावा अब भी गर्म है और जमीन के अंदर हलचल बनी हुई है।

confinement: राहत की बात यह है कि सारा लावा और विस्फोट 'हेलेमौमौ' (Halemaʻumaʻu) क्रेटर के भीतर ही सीमित है, जिससे रिहायशी इलाकों को सीधा खतरा नहीं है।

Vog (वॉब): हवा में सल्फर डाइऑक्साइड की प्रतिक्रिया से बनने वाला धुंध (Vog) अभी भी आसपास के इलाकों में देखा जा सकता है, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है।

दिसंबर 2024 से जारी है सिलसिला

किलाऊआ ज्वालामुखी में दिसंबर 2024 से अब तक दर्जनों बार इस तरह के विस्फोट हो चुके हैं। वेधशाला के अनुसार, ज्वालामुखी में दबाव बढ़ने पर इस तरह के 'एपिसोडिक' विस्फोट होते रहते हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को हवाई ज्वालामुखी नेशनल पार्क के प्रतिबंधित क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।