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July 16 2026 04:46 am

Vat Savitri 2026 : वट सावित्री व्रत पर इन चीजों का करें दान, पति को मिलेगी लंबी उम्र और घर में आएगी खुशहाली

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India News Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु और सुख-समृद्ध‍ि का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में यह पावन व्रत 16 मई, शनिवार को ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।

आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत के अवसर पर किन वस्तुओं का दान करना आपके वैवाहिक जीवन और घर की समृद्धि के लिए सबसे उत्तम माना गया है:

सौभाग्य और समृद्धि के लिए करें इन वस्तुओं का दान

1. सुहाग सामग्री (शृंगार का दान) वट सावित्री व्रत मुख्य रूप से सौभाग्य प्राप्ति का पर्व है। इस दिन किसी अन्य सुहागिन महिला या जरूरतमंद को शृंगार का सामान जैसे— कुमकुम, मेहंदी, चूड़ियां, बिंदी और सिंदूर दान करना अत्यंत शुभ होता है। माना जाता है कि इससे माता सावित्री प्रसन्न होती हैं और अखंड सौभाग्य का वरदान देती हैं।

2. वस्त्र दान का महत्व शास्त्रों के अनुसार, इस विशेष तिथि पर वस्त्रों का दान करने से पति की आयु लंबी होती है। आप अपनी सामर्थ्य अनुसार किसी जरूरतमंद महिला को नई साड़ी या वस्त्र भेंट कर सकती हैं। यह दान वैवाहिक जीवन के कष्टों को दूर करने में सहायक माना जाता है।

3. मौसमी फलों का वितरण ज्येष्ठ का महीना भीषण गर्मी का समय होता है, इसलिए इस दौरान मौसमी फलों का दान करना पुण्यकारी है। सुहागिनों या ब्राह्मणों को फल दान करने से परिवार में शांति बनी रहती है और रिश्तों में मधुरता आती है।

4. अनाज और चावल का दान अन्न दान को सभी दानों में श्रेष्ठ माना गया है। वट सावित्री पर चावल या अन्य अनाज का दान करने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती। मान्यता है कि इससे मां अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है और घर में बरकत होती है।

5. घी और तेल का दान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार और आर्थिक स्थिरता के लिए इस दिन शुद्ध घी या तेल का दान करना चाहिए। आप इसे किसी मंदिर में दीपक जलाने के लिए दे सकती हैं या किसी जरूरतमंद को दान कर सकती हैं। इससे धन आगमन के मार्ग खुलते हैं।

6. दक्षिणा और धन दान किसी भी व्रत की पूर्णता दान-दक्षिणा के बिना अधूरी मानी जाती है। अपनी श्रद्धा के अनुसार ब्राह्मणों या निर्धनों को धन का दान अवश्य करें। इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और मां लक्ष्मी का घर में स्थायी वास होता है।