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May 04 2026 04:37 pm

Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा पर राशि अनुसार करें इन चीजों का दान, घर आएगी सुख-समृद्धि

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India News Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का पर्व मां गंगा के धरती पर अवतरण के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। साल 2026 में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह पावन पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान करने से अनजाने में हुए 10 तरह के पापों का नाश होता है। ज्योतिष शास्त्र में गंगा दशहरा के दिन राशि के अनुसार दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि यदि व्यक्ति अपनी राशि के अनुसार दान करता है, तो उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और आर्थिक संपन्नता प्राप्त होती है।

मेष से मीन तक: दान से चमकेगी आपकी किस्मत

शास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा पर 'दस' अंक का विशेष महत्व है। इस दिन 10 ब्राह्मणों को दान देना या 10 प्रकार की वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं आपकी राशि के अनुसार आपको किन चीजों का दान करना चाहिए:

मेष और वृश्चिक राशि: इन राशियों के स्वामी मंगल हैं। इन्हें गुड़, लाल कपड़े और मसूर की दाल का दान करना चाहिए। इससे साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

वृषभ और तुला राशि: शुक्र के स्वामित्व वाली इन राशियों को सफेद वस्त्र, मिश्री या चावल का दान करना चाहिए। इससे पारिवारिक जीवन में मधुरता आती है।

मिथुन और कन्या राशि: बुध प्रधान इन राशियों को हरी मूंग की दाल या मौसमी रसीले फलों का दान करना चाहिए। इससे व्यापार और बुद्धि में तरक्की मिलती है।

कर्क राशि: चंद्रमा की इस राशि के जातकों को दूध, चांदी या जल से भरा कलश दान करना चाहिए। यह मानसिक शांति के लिए फलदायी है।

सिंह राशि: सूर्य की राशि होने के कारण इन्हें तांबा, गेहूं या सोने का दान करना चाहिए। इससे मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

धनु और मीन राशि: गुरु के प्रभाव वाली इन राशियों को हल्दी, चने की दाल या पीले वस्त्रों का दान करना चाहिए। इससे भाग्य का साथ मिलता है।

मकर और कुंभ राशि: शनि देव की इन राशियों को काला तिल, छाता या जूते-चप्पल का दान करना चाहिए। इससे शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

गंगा दशहरा 2026 का शुभ मुहूर्त

इस साल गंगा दशहरा 25 मई 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन हस्त नक्षत्र और व्यतिपात योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस शुभ घड़ी में किया गया दान सीधे अक्षय फल प्रदान करता है। यदि आप गंगा तट पर नहीं जा सकते, तो घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें और दान का संकल्प लें।

10 दीपों का दान और मोक्ष की प्राप्ति

गंगा दशहरा के दिन नदी के किनारे दीपदान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि शाम के समय 10 दीपक जलाकर मां गंगा की आरती करने से पितरों को शांति मिलती है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भीषण गर्मी के कारण इस दिन ठंडे जल, शर्बत और पंखे का दान करना भी सर्वोत्तम माना गया है।