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May 06 2026 08:51 pm

Drone attack on Dubai airport: भारतीय समेत 4 घायल, समंदर से आसमान तक दहला मिडिल ईस्ट

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India News Live,Digital Desk : ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े भीषण युद्ध की आग अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रिहायशी और व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच गई है। बुधवार को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (DXB) के पास दो ईरानी ड्रोन गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में एक भारतीय नागरिक समेत कुल चार लोग घायल हुए हैं। दुबई मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की है कि घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है।

हमले का विवरण: भारतीय नागरिक को आईं मध्यम चोटें

अधिकारियों के अनुसार, हवाई अड्डे के पास गिरे इन ड्रोनों के कारण चार विदेशी नागरिक हताहत हुए हैं। इनमें:

भारतीय नागरिक: एक व्यक्ति (मध्यम रूप से घायल)।

घाना के नागरिक: दो व्यक्ति (मामूली चोटें)।

बांग्लादेशी नागरिक: एक व्यक्ति (मामूली चोटें)।

राहत की बात यह है कि दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक, दुबई एयरपोर्ट पर उड़ानों का परिचालन सामान्य रूप से जारी है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत कर दिया गया है।

खाड़ी देशों पर चौतरफा वार: 1400 से ज्यादा ड्रोन हमले

28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से ईरान ने अकेले UAE पर 1,475 से अधिक ड्रोन और सैकड़ों मिसाइलें दागी हैं। यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इनमें से 1,385 ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया गया है, लेकिन उनके मलबे गिरने से दुबई और अबू धाबी के कई इलाकों में नुकसान हुआ है। हाल ही में दुबई के अल मम्ज़ार बीच और पाम जुमेराह जैसे इलाकों में भी इंटरसेप्शन (मार गिराने) की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

युद्ध का 12वां दिन: पूरे क्षेत्र में तबाही का मंजर

ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच यह युद्ध अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। ईरान ने बहरीन, कतर और सऊदी अरब स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इस युद्ध के कारण अब तक:

यूएई में: 6 लोगों की मौत और 122 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

बुनियादी ढांचा: तेल रिफाइनरियों (रुआइस इंडस्ट्रियल सिटी) और नागरिक हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: यहां समुद्री माइन बिछाने और जहाजों को नष्ट करने की घटनाओं से वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई है।

पर्दे के पीछे की हलचल: मध्यस्थता की कोशिशें

एक ओर जहां मिसाइलों और ड्रोनों का तांडव जारी है, वहीं कतर और ओमान जैसे देश युद्धविराम के लिए गुप्त रूप से बातचीत की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका और इजरायल ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान का परमाणु और मिसाइल ढांचा पूरी तरह नष्ट नहीं हो जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे।