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October 14 2026 08:10 pm

"युद्ध तभी खत्म होगा जब मैं चाहूंगा" ईरान पर डोनाल्ड ट्रंप का अब तक का सबसे भीषण प्रहार; 47 सालों के 'बदले' से कांपा पश्चिम एशिया

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India News Live,Digital Desk : मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के युद्ध के मैदान से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अब तक का सबसे आक्रामक रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने ईरान की शक्ति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। बुधवार को दिए एक सनसनीखेज बयान में उन्होंने कहा कि अब यह युद्ध किसी समझौते से नहीं, बल्कि उनकी मर्जी से खत्म होगा।

"ईरान की कमर टूट चुकी है": ट्रंप का दावा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (11 मार्च, 2026) को एक इंटरव्यू के दौरान बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, "अब ईरान के साथ युद्ध कोई बड़ी बात नहीं रह गई है। हमारी सैन्य कार्रवाई के बाद उनकी कमर टूट चुकी है और अब उनके पास अमेरिका या हमारे सहयोगियों को चुनौती देने की ताकत नहीं बची है।" ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका अब ईरान को किसी भी कीमत पर ढील देने के मूड में नहीं है। व्हाइट हाउस के सूत्रों की मानें तो अगले दो हफ्तों तक ईरान पर और भी घातक हमले जारी रह सकते हैं।

47 साल का हिसाब और प्रतिशोध की आग

ट्रंप ने इस संघर्ष को केवल वर्तमान का तनाव नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक हिसाब बताया है। उन्होंने कहा, "यह पिछले 47 वर्षों का बदला है। ईरान ने दशकों से मध्य पूर्व में मौत और विनाश का जो खेल खेला है, आज वह उसी का परिणाम भुगत रहा है। उन्होंने पूरे क्षेत्र पर कब्जा करने की कोशिश की, लेकिन अब वे इतनी आसानी से बचकर नहीं निकल पाएंगे।" ट्रंप का इशारा 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच चले आ रहे दशकों पुराने तनाव की ओर था।

ईरान की गुहार: "अस्पतालों और स्कूलों पर हो रहे हमले"

दूसरी ओर, चौतरफा हमलों से घिरे ईरान ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर मदद की गुहार लगाई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को फोन कर अपनी चिंता व्यक्त की है। ईरान का आरोप है कि इजरायल और अमेरिका जानबूझकर आवासीय क्षेत्रों, स्कूलों, ऐतिहासिक इमारतों और अस्पतालों को निशाना बना रहे हैं। ईरान ने इसे सरेआम 'युद्ध अपराध' करार दिया है और संयुक्त राष्ट्र से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

तेल की कीमतों में आग और वैश्विक संकट

इस जुबानी जंग और मिसाइल हमलों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था भी डगमगाने लगी है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। ईरान ने कच्चे तेल के परिवहन में आ रही दिक्कतों के लिए सीधे तौर पर वाशिंगटन को जिम्मेदार ठहराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव अगले कुछ दिनों तक और बना रहा, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं।