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August 07 2026 02:50 pm

नजर उतारने के बाद राख कहां फेंके? भूलकर भी ना करें ये 3 गलतियां

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कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के मन बेचैन रहता है या लगातार कोशिशों के बावजूद बनते हुए काम अचानक रुक जाते हैं। भारतीय परंपराओं और ज्योतिष के अनुसार इसे 'बुरी नजर' का असर माना जाता है। घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर इस नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए नजर उतारने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल नजर उतारना ही काफी नहीं है? यदि इसके बाद सही नियमों का पालन ना किया जाए, तो आपको इसका कोई लाभ नहीं मिलता। आइए जानते हैं कि इस प्रक्रिया के बाद आपको किन गलतियों से बचना चाहिए।

नजर उतारने के लिए जरूरी सामग्री

बुरी नजर के प्रभाव को खत्म करने के लिए मुख्य रूप से लाल मिर्च, राई (या पीली सरसों), कपूर और थोड़े से नमक का इस्तेमाल किया जाता है। इन चीजों में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है।

नजर उतारने के बाद भूलकर भी ना करें ये 3 गलतियां
1. उतारी गई सामग्री को घर में ना छोड़ें

जिस भी सामग्री से आपने परिवार के किसी सदस्य की नजर उतारी है, उसे तुरंत जला देना चाहिए। नजर उतारने के बाद वह सामग्री सारी नेगेटिव एनर्जी सोख लेती है। ऐसे में उसे लंबे समय तक घर के अंदर रखने से नकारात्मकता वापस फैल सकती है। इसलिए इसे जलाकर राख को तुरंत घर से बाहर कर दें।
2. राख फेंकने के बाद पीछे मुड़कर ना देखें

नजर उतारी हुई चीजों को बाहर रखने, जलाने या पानी में प्रवाहित करने के बाद कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। बाहर से वापस घर आने के बाद सबसे पहले अपने हाथ और पैर अच्छी तरह से धो लें, उसके बाद ही किसी अन्य काम को छुएं।

3. राहगीरों के रास्ते में ना फेंके राख

सबसे बड़ी गलती लोग यह करते हैं कि जली हुई राख को सड़क, गली या चौराहे पर फेंक देते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। राख को कभी भी ऐसी जगह ना फेंके जहां से लोगों का आना-जाना हो। ऐसा करने से उस राख की नकारात्मक ऊर्जा दूसरे राहगीरों को प्रभावित कर सकती है।

राख फेंकने का सही तरीका क्या है? (सही नियम)

नजर उतारी गई सामग्री की राख को बहते हुए साफ पानी में प्रवाहित करना सबसे उत्तम और सुरक्षित तरीका माना गया है। यदि आपके आसपास बहता पानी नहीं है, तो आप उस राख को घर के बाहर किसी सुनसान जगह पर मिट्टी में गहरा दबा सकते हैं। हमेशा ध्यान रखें कि नजर उतारने की यह पूरी प्रक्रिया सूर्यास्त के बाद ही की जानी चाहिए, तभी इसका पूरा और अचूक असर देखने को मिलता है।