June 22 2026 08:25 am

'मैं मोहम्मद बोल रहा हूं', डोनाल्ड ट्रंप का दावा- "ईरान में नेतृत्व पूरी तरह बिखरा, कोई राष्ट्रपति बनने को तैयार नहीं"

Post

India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने ईरान को "राक्षस" करार देते हुए दावा किया कि वहां का नेतृत्व पूरी तरह से खत्म हो चुका है और कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत के दौरान हुए एक अजीबोगरीब वाकये का जिक्र करते हुए वहां की प्रशासनिक स्थिति पर सवाल उठाए।

ईरान में नेतृत्व का संकट: ट्रंप की जुबानी

एक संबोधन के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सत्ता में इस समय भारी शून्य है। उनके बयानों के मुख्य अंश इस प्रकार हैं:

फोन कॉल का किस्सा: ट्रंप ने कहा, "हमें तो यह भी नहीं पता कि ईरान की तरफ से कौन बात कर रहा है। जब कॉल आया, तो उधर से कहा गया कि 'मैं मोहम्मद बोल रहा हूं'। मैंने पूछा कि क्या तुम वहां के नेता हो? हम वहां किसी जिम्मेदार नेता को तलाश रहे हैं।"

राष्ट्रपति पद के लिए कोई तैयार नहीं: ट्रंप ने व्यंग्य करते हुए कहा कि ईरान में लोग गलियों में पूछ रहे हैं कि क्या कोई राष्ट्रपति बनना चाहेगा? लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए कोई भी यह पद संभालने को तैयार नहीं है।

बिखरा हुआ नेतृत्व: राष्ट्रपति ने कहा कि वहां नेतृत्व बुरी तरह बिखरा हुआ है। हालांकि वे सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उनके आपस में ही इतने मतभेद हैं कि कोई एक राय नहीं बन पा रही है।

"ईरान को परमाणु हथियार मिला तो इजरायल होगा पहला निशाना"

ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा:

बी2 बम पर रोक: ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई की वजह से ही ईरान 'बी2 बम' नहीं बना सका। यदि अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करता, तो ईरान अब तक परमाणु हथियार हासिल कर चुका होता।

यूरोप और मध्य एशिया को खतरा: ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान परमाणु संपन्न हो जाता है, तो उसका सबसे पहला निशाना इजरायल होगा, और उसके बाद वह यूरोप और मध्य एशिया के देशों को तबाह कर देगा।

मिसाइल क्षमता: उन्होंने ईरान की मिसाइल तकनीक को अमेरिका और यूरोप के लिए सीधा सुरक्षा संकट बताया।

ईरान की सेना और रडार सिस्टम तबाह

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य शक्ति पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की थलसेना और नौसेना की कमर टूट चुकी है। उनके पास अब रडार सिस्टम तक नहीं बचा है जिससे वे अपनी सुरक्षा कर सकें। ट्रंप ने ईरानी प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्होंने महज दो सप्ताह के भीतर 42,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी, जो उनके "राक्षसी" होने का प्रमाण है।

बातचीत की टेबल पर क्या है स्थिति?

भले ही ट्रंप ईरान के मौजूदा प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन पर्दे के पीछे कूटनीति जारी है:

पाकिस्तान की मध्यस्थता: पिछले सप्ताह अमेरिकी दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द होने के बावजूद फोन पर बातचीत जारी है।

ईरान का प्रस्ताव: 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' के मुताबिक, ईरान ने शर्त रखी है कि अगर अमेरिका हमले रोकता है और नाकाबंदी हटाता है, तो वे होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) खोलने के लिए तैयार हैं।

अगले हफ्ते की उम्मीद: ईरान ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका उनकी शर्तों पर विचार करता है, तो वे अगले हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तान में औपचारिक बातचीत के लिए तैयार हैं।

फिलहाल, ट्रंप के सख्त रुख और ईरान के भीतर नेतृत्व की अनिश्चितता ने इस पूरे संकट को एक बेहद पेचीदा मोड़ पर खड़ा कर दिया है।