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August 14 2026 04:17 pm

सत्ता के लिए देश को बांट दिया; विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर CM योगी ने कांग्रेस को घेरा

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 1947 के देश के विभाजन को लेकर कांग्रेस पार्टी पर बेहद तीखे और कड़े प्रहार किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी सीधे तौर पर देश के विभाजन और उसकी दर्दनाक विभीषिका के लिए जिम्मेदार है। सत्ता की लालसा में कांग्रेस नेताओं ने अखंड राष्ट्र को खंड-खंड कर दिया और देश की जनता के विश्वास के साथ गंभीर विश्वासघात किया।

'सत्ता की भूख में पाकिस्तान को दे दिए वे हिस्से जो कभी मांगे नहीं गए थे'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि 1947 के दौर में जिन लोगों ने चुप्पी साध रखी थी, उनकी नजरें देशहित पर नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ कुर्सी और सत्ता पर टिकी हुई थीं। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी वीभत्स थी कि विभाजन के वक्त पाकिस्तान को पंजाब और सिंध जैसे कई ऐसे बड़े भूभाग भी उपहार स्वरूप दे दिए गए, जिनकी मांग उसने कभी की भी नहीं थी। सीएम योगी के मुताबिक, यह सब केवल और केवल सत्ता हासिल करने की राजनीतिक भूख के कारण किया गया था, जिसका खामियाजा लाखों निर्दोष नागरिकों को अपनी जान गंवाकर और विस्थापन का दर्द झेलकर चुकाना पड़ा।

बांग्लादेश की घटनाओं पर विपक्ष की चुप्पी और सीएए का विरोध

मुख्यमंत्री ने हाल ही में पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए अत्याचारों और हिंसा का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब वहां हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा था, तब कुछ लोग राजनीतिक नफा-नुकसान के चलते पूरी तरह मौन साधे हुए थे ताकि उनका वोट बैंक खिसक न जाए। इसके अलावा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध करने वाली ताकतों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह कानून लेकर आए, तो इसका जमकर विरोध हुआ और लखनऊ, मेरठ व कानपुर जैसे शहरों में दंगे भड़काने की साजिश रची गई, लेकिन यूपी की डबल इंजन सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि दंगाइयों को बख्शा नहीं जाएगा।

'अगर तब मोदी और पटेल होते, तो नहीं होता देश का विभाजन'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के अंत में एक बहुत बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि वर्ष 1947 में देश के पास नरेंद्र मोदी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसा मजबूत, दृढ़ और दूरदर्शी नेतृत्व होता, तो देश का यह दर्दनाक विभाजन कभी नहीं होने दिया जाता। उन्होंने इतिहास की भूलों से सबक लेने की जरूरत पर जोर देते हुए प्रदेश के नागरिकों और खासकर युवाओं से अपील की। सीएम योगी ने कहा कि आज की नई पीढ़ी को स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के माध्यम से विभाजन की उस वास्तविक त्रासदी और उसके दर्द से अवगत कराया जाना बेहद जरूरी है ताकि लोग देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय हितों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें।