अमेरिका की मोस्ट वॉन्टेड टॉप-10 लिस्ट में गैंगस्टर गोल्डी बराड़ शामिल, FBI ने रखा 10 करोड़ का भारी इनाम
अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और भारत-कनाडा-अमेरिका में फैले कुख्यात आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अमेरिकी जांच एजेंसियों ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा प्रहार किया है। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सबसे भरोसेमंद साथी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ अब अमेरिका की शीर्ष जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के निशाने पर सीधे आ चुका है। एफबीआई ने गोल्डी बराड़ को अपनी आधिकारिक 'टॉप 10 मोस्ट वॉन्टेड भगोड़ों' (Ten Most Wanted Fugitives) की सूची में शामिल कर लिया है। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने इस खूंखार गैंगस्टर की गिरफ्तारी या उसके ठिकाने की सटीक जानकारी देने वाले को 10 लाख अमेरिकी डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 9.6 से 10 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नकद इनाम देने की घोषणा की है। एफबीआई की इस प्रतिष्ठित वांटेड सूची में शामिल होने वाला गोल्डी बराड़ 543वां भगोड़ा बन गया है।
एफबीआई की टॉप 10 सूची में क्यों दर्ज हुआ गोल्डी बराड़ का नाम?
लंबे समय से यह माना जा रहा था कि गोल्डी बराड़ कनाडा और अमेरिका के बीच सुरक्षित ठिकानों पर छिपकर अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा है। हालांकि, एफबीआई द्वारा उसे सीधे टॉप 10 भगोड़ों की सूची में शामिल किए जाने से यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो गया है कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने अमेरिका की धरती पर उसकी सक्रिय मौजूदगी और नेटवर्क को प्रमाणित पाया है। कैलिफोर्निया की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट फेडरल कोर्ट ने गोल्डी बराड़ के खिलाफ पहले ही गिरफ्तारी का संघीय वारंट जारी कर रखा था। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, गोल्डी बराड़ पर संगठित अपराध नियंत्रण कानून यानी 'रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइज़ेशन्स' (RICO) के तहत गंभीर आपराधिक षड्यंत्र रचने, जबरन वसूली, कारोबारियों को डराने-धमकाने और बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों व हथियारों की तस्करी के आरोप लगाए गए हैं।
ऑपरेशन हार्ड बॉल: भारत से जुड़े सिंडिकेट्स पर अमेरिका का कड़ा वार
अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई ने कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और यूरोपीय एजेंसियों के साथ मिलकर 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' (Operation Hard Ball) नामक एक विशाल अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाया। इस अभियान के तहत भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों के कुल 37 सदस्यों और सहयोगियों पर शिकंजा कसा गया, जिनमें से 24 आरोपियों को पहले ही विभिन्न देशों और अमेरिकी राज्यों से गिरफ्तार किया जा चुका है। अमेरिकी अभियोजन पक्ष के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का नेटवर्क विदेशी धरती से बैठकर भारत, अमेरिका और कनाडा में हत्याओं, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, रंगदारी और नशीले पदार्थों के कारोबार को नियंत्रित कर रहा था। कनाडाई आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या और रंगदारी के लिए व्यापारियों को धमकियां देने के मामलों में भी अमेरिकी जांच दस्तावेजों में इस सिंडिकेट का जिक्र किया गया है।
सिद्धू मूसेवाला मर्डर से वैश्विक अपराध की दुनिया तक का सफर
पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब का मूल निवासी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ कभी एक पुलिसकर्मी का बेटा था। अपने चचेरे भाई गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए उसने अपराध की राह चुनी और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का अहम हिस्सा बन गया। साल 2017 में वह स्टूडेंट वीजा के बहाने कनाडा फरार हुआ और वहीं से उसने भारत में हत्याओं की सुपारी देना शुरू कर दिया। 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा में जब मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की गोलियों से भूनकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई, तो गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर इस वारदात की सीधी जिम्मेदारी लेकर सनसनी मचा दी थी। इसके बाद भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत गोल्डी बराड़ को आतंकी घोषित कर दिया था। इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बावजूद वह फर्जी दस्तावेजों के सहारे बचता फिर रहा था।
10 करोड़ के इनाम के साथ जनता से सतर्क रहने की अपील
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने गोल्डी बराड़ को 'अत्यधिक खतरनाक, हथियारबंद और भागने में माहिर' घोषित किया है। एजेंसी ने आम जनता को आगाह किया है कि कोई भी व्यक्ति सीधे उसके पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश न करे। एफबीआई ने एक विशेष टिप-लाइन और डिजिटल पोर्टल जारी करते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति गोल्डी बराड़ की सटीक लोकेशन या उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देगा, उसे 1 मिलियन डॉलर (लगभग 10 करोड़ रुपये) का इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। कनाडा की संघीय पुलिस ने भी एफबीआई के इस कदम का स्वागत किया है और दोनों देशों की एजेंसियां अब उसकी तलाश में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून का फंदा कसने का संकेत
आज के आधुनिक दौर में जब गूगल एआई ओवरव्यूज, बिंग और दुनिया भर के सर्च इंजनों पर क्रॉस-बॉर्डर गैंगवार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता से देखा जा रहा है, गोल्डी बराड़ पर घोषित यह इनाम वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा ट्रेंड बन चुका है। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और पंजाब पुलिस लंबे समय से गोल्डी बराड़ के प्रत्यर्पण की मांग कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एफबीआई के मोस्ट वांटेड बोर्ड पर नाम आने के बाद अब किसी भी पश्चिमी देश में गोल्डी बराड़ के लिए लंबे समय तक छिपना नामुमकिन हो जाएगा। अमेरिकी और कनाडाई धरती से संगठित अपराध चला रहे गैंगस्टर-टेरर नेटवर्क के ताबूत में यह कार्रवाई सबसे बड़ी कील साबित हो सकती है।