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October 05 2026 04:35 pm

यूपी के 57 हजार गांवों में खुलीं डिजिटल लाइब्रेरी, अब घर बैठे होगी पढ़ाई

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उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में आधुनिक ग्राम सचिवालयों के भीतर डिजिटल लाइब्रेरी का सफल संचालन शुरू कर दिया गया है। अब गांव के छात्र-छात्राओं को यूपीएससी, यूपीपीएससी, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, पुलिस भर्ती जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं या बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों में महंगे कोचिंग संस्थानों या किराए के कमरों में भटकने की जरूरत नहीं है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल के जरिए तकनीक और डिजिटल ज्ञान को सीधे गांव की चौखट तक पहुंचा दिया गया है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को समान अवसर मिल रहे हैं।

हाई-स्पीड इंटरनेट, टैबलेट और कंप्यूटर से लैस हुए गांव के पुस्तकालय

पंचायती राज विभाग और आईटी विभाग के समन्वय से तैयार की गई इन ग्राम पंचायत लाइब्रेरी को केवल पारंपरिक किताबों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इन्हें आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है। प्रत्येक लाइब्रेरी में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्टिविटी, डेस्कटॉप कंप्यूटर, टैबलेट और आरामदायक सिटिंग अरेंजमेंट की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों पर राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख डिजिटल शिक्षण पोर्टल्स, जैसे 'दीक्षा' (DIKSHA), ई-पाठशाला, और नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया (NDLI) का सीधा एक्सेस उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा देश-विदेश के प्रमुख प्रकाशकों की हजारों ई-पुस्तकों, शोध पत्रों, करंट अफेयर्स पत्रिकाओं और पिछले वर्षों के सॉल्व्ड क्वेश्चन पेपर्स का विशाल डेटाबेस छात्रों के लिए एक क्लिक पर उपलब्ध है।

बेटियों और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बनी वरदान

डिजिटल लाइब्रेरी की इस क्रांति ने ग्रामीण समाज में सबसे बड़ा सकारात्मक असर छात्राओं और गरीब परिवारों के बच्चों पर डाला है। अब तक ग्रामीण परिवेश की कई मेधावी बेटियां सुरक्षा चिंताओं, दूरी और भारी आर्थिक खर्चों के कारण शहरों में जाकर पढ़ाई करने से वंचित रह जाती थीं। अब गांव के भीतर ही शांत, सुरक्षित और आधुनिक अध्ययन केंद्र मिल जाने से छात्राओं की उपस्थिति में भारी उछाल दर्ज किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवा जो महंगी किताबें और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज खरीदने में असमर्थ थे, वे अब इन डिजिटल लाइब्रेरी में मुफ्त में मॉक टेस्ट और ऑनलाइन वीडियो लेक्चर्स का लाभ उठा रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों में दिखने लगा ग्रामीण युवाओं का दबदबा

पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन पुस्तकालयों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए ग्राम स्तर पर पंचायत सहायकों और केयरटेकर्स को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कई जिलों से ऐसे सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं, जहां स्थानीय युवाओं ने केवल पंचायत स्तर की लाइब्रेरी में अध्ययन कर राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता अर्जित की है। सरकार का अगला लक्ष्य इन केंद्रों को वर्चुअल क्लासरूम और मेंटरशिप प्रोग्राम से जोड़ना है, ताकि जिलों के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ शिक्षक सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गांव के बच्चों का मार्गदर्शन कर सकें।