दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे: मेरठ से अब ढाई घंटे में पहुंचें देहरादून, जानें सभी एंट्री पॉइंट्स और गूगल मैप अपडेट
India News Live,Digital Desk : वेस्ट यूपी और उत्तराखंड के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंगलवार को उद्घाटन किए जाने के बाद दिल्ली-देहरादून एसेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड हाईवे (Delhi-Dehradun Greenfield Highway) पूरी तरह से वाहनों के लिए खोल दिया गया है। मेरठ के लोगों के लिए अब देहरादून की राह और आसान हो गई है। उद्घाटन के दौरान सुरक्षा कारणों से जिन कट्स (Cuts) को मिट्टी डालकर बंद किया गया था, उन्हें अब हटा दिया गया है, जिससे सभी इंटरचेंज अब चालू हैं।
मेरठ वालों के लिए कौन सा रास्ता है बेस्ट?
मेरठ से देहरादून जाने के लिए अब आपके पास दो विकल्प हैं। पुराना रास्ता (मेरठ-रुड़की-हरिद्वार हाईवे) तो है ही, लेकिन नए हाईवे से आप मात्र ढाई घंटे में सफर पूरा कर सकते हैं।
सबसे सुगम मार्ग (शामली-करनाल हाईवे होकर): मेरठ से आप शामली-करनाल हाईवे पकड़ें। फुगाना से आगे खेड़ा मस्तान के पास आपको नए ग्रीनफील्ड हाईवे का इंटरचेंज मिलेगा। यहाँ से देहरादून की दूरी महज 143 किमी रह जाती है। इस रास्ते से मेरठ से कुल दूरी लगभग 196 किमी होगी और 100 किमी/घंटा की रफ्तार से आप बिना जाम के ढाई घंटे में पहुंच जाएंगे।
दूसरा विकल्प (पुराना NH-58 होकर): यदि आप पुराने हाईवे से जाना चाहते हैं, तो देवबंद फ्लाईओवर पार करने के बाद नागल से आगे गागलहेड़ी के पास बने कट से नए हाईवे पर चढ़ सकते हैं।
बागपत मार्ग (अभी बचें): बागपत हाईवे पर अग्रवाल मंडी टटीरी के पास भी इंटरचेंज है, लेकिन वहाँ रेलवे ओवरब्रिज का काम चलने के कारण फिलहाल यहाँ से जाने में असुविधा हो सकती है।
ऑनलाइन मैप (Google Maps) पर कब दिखेगा?
फिलहाल यह नया हाईवे गूगल मैप्स या अन्य ऑनलाइन मैप प्लेटफॉर्म पर दिखाई नहीं दे रहा है। इसके पीछे एक खास वजह है।
NHAI का स्पष्टीकरण: बागपत क्षेत्र के परियोजना निदेशक नरेंद्र कुमार के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान कुछ लोग मैप देखकर हाईवे पर चढ़ गए थे, जिससे दुर्घटनाएं हुई थीं। इसी वजह से NHAI ने इसे मैप प्लेटफॉर्म से हटवा दिया था।
अपडेट कब होगा: अब चूंकि उद्घाटन हो चुका है, परियोजना निदेशक ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर यह हाईवे गूगल मैप्स और अन्य मैप्स पर लाइव हो जाएगा, जिससे यात्री आसानी से नेविगेशन का उपयोग कर सकेंगे।
हाईवे की खासियत: ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून
यह देश का एक प्रमुख ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है जो दिल्ली से देहरादून की दूरी को काफी कम कर देता है। इस पर वाहनों की गति सीमा 100 किमी/घंटा निर्धारित की गई है। शामली-करनाल हाईवे पर फुगाना के पास स्थित इंटरचेंज से मिट्टी हटाने के बाद अब वाहनों का आवागमन तेजी से शुरू हो गया है।
मेरठ के यात्रियों के लिए यह एक क्रांतिकारी बदलाव है, क्योंकि अब रुड़की और मुजफ्फरनगर के जाम में फंसे बिना सीधे और सुरक्षित मार्ग से उत्तराखंड पहुंचा जा सकता है।