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July 17 2026 08:34 am

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा में ‘स्वयम’ पोर्टल पाठ्यक्रम लागू करने की पहल की

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India News Live,Digital Desk : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, लचीलापन और डिजिटल अधिगम को बढ़ावा देने के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 2026 से स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्रों के लिए ‘स्वयम’ पोर्टल के पाठ्यक्रम को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

यह नई व्यवस्था न केवल विश्वविद्यालय परिसर में बल्कि इसके 350 संबद्ध महाविद्यालयों में भी लागू होगी। इससे करीब 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थी इस डिजिटल पाठ्यक्रम का लाभ उठा सकेंगे।

उद्देश्य और लाभ

विश्वविद्यालय का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मिश्रित शिक्षा प्रणाली को लागू करते हुए छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। ‘स्वयम’ पोर्टल के माध्यम से छात्र देश के शीर्ष शिक्षकों और प्रतिष्ठित संस्थानों से पाठ्यक्रम सीख सकेंगे और अपने पाठ्यक्रम का 40 प्रतिशत क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे।

प्राप्त क्रेडिट विश्वविद्यालय की अकादमिक प्रणाली में समाहित किया जाएगा। छात्रों को ‘स्वयम’ पाठ्यक्रम की परीक्षा में शामिल होने का विकल्प भी मिलेगा। जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षा आयोजित की जाएगी, ताकि किसी भी छात्र को असुविधा न हो।

प्रणाली कैसे लागू होगी

स्नातक स्तर: क्षमता विकास और कौशल विकास पाठ्यक्रमों का एक पूल तैयार किया जाएगा। छात्र अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार पाठ्यक्रम चुन सकेंगे। ये पाठ्यक्रम अनिवार्य होंगे और छात्रों की कौशल और रोजगारोन्मुख दक्षता को मजबूत करेंगे।

स्नातकोत्तर स्तर: हर सेमेस्टर में प्रत्येक विभाग कम से कम एक ‘स्वयम’ पाठ्यक्रम संचालित करेगा, ताकि छात्रों को बहुविषयक और व्यावहारिक दृष्टिकोण मिले।

प्रभाव और अपेक्षाएँ

‘स्वयम’ पाठ्यक्रमों से न केवल छात्रों के लिए अध्ययन आसान होगा, बल्कि उनकी कौशल और क्षमता विकास में भी मदद मिलेगी। यह बहुविषयक और रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाएगा।

प्रो. अजय कुमार शुक्ल, नोडल अधिकारी, ‘स्वयम’ पोर्टल ने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार छात्रों और शिक्षकों को पाठ्यक्रमों के प्रति जागरूक कर रहा है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि इस पहल से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और सीखने का अनुभव अधिक प्रभावी बनेगा।