श्रद्धालुओं के लिए बदली दर्शन की व्यवस्था; अब पैदल चलना होगा ज्यादा, गर्मी में बढ़ने वाली है परेशानी

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India News Live,Digital Desk : रामलला के दर्शन के लिए धर्मनगरी अयोध्या पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। मंदिर परिसर के भीतर दर्शन मार्ग और सुविधाओं में किए गए हालिया बदलावों के कारण अब भक्तों को पहले की तुलना में अधिक पैदल चलना होगा। अप्रैल की इस भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे बढ़ी हुई यह दूरी श्रद्धालुओं के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

क्यों बढ़ गई पैदल चलने की दूरी?

राम जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अंगद टीला के पास नया लॉकर और शू-स्टैंड (जूता स्टैंड) खोल दिया गया है। अब सभी श्रद्धालुओं को अपने जूते-चप्पल और सामान यहीं जमा करने होंगे।

नया रूट: अब श्रद्धालुओं को बैगेज स्कैनर से गुजरने के बाद बाईं ओर मुड़कर स्टील की बैरिकेडिंग के रास्ते नए शू-स्टैंड तक जाना पड़ता है।

गर्मी का सितम: बैगेज स्कैनर से लेकर शू-स्टैंड तक के रास्ते पर फिलहाल कैनोपी (छत/शेड) नहीं है। दोपहर के समय सूरज की तपिश से फर्श के पत्थर काफी गर्म हो रहे हैं, जिससे नंगे पैर चलने वाले श्रद्धालुओं को खासी दिक्कत हो रही है।

ट्रस्ट की तैयारी: बिछाई जाएगी मैट

श्रद्धालुओं की परेशानी पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर परिसर में पहले ही लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी कैनोपी का निर्माण किया जा चुका है। चूंकि अब सुविधाओं का विस्तार अलग-अलग दिशाओं में हो रहा है, इसलिए नए रास्तों पर भी शेड की जरूरत महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह काम रातों-रात संभव नहीं है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को राहत देने के लिए गर्म फर्श पर विशेष मैट (कालीन) बिछाने का इंतजाम किया जा रहा है।

नए लॉकर भवन की खासियत: एक साथ 1.20 लाख भक्तों को लाभ

पैदल दूरी भले ही बढ़ी हो, लेकिन नया लॉकर भवन श्रद्धालुओं के बड़े सामान की सुरक्षा के लिए बेहद आधुनिक है:

क्षमता: नए भवन में 12,000 लॉकर तैयार किए गए हैं।

मैनेजमेंट: यदि दर्शन की अवधि 10 घंटे मानी जाए, तो एक दिन में लगभग 1 लाख 20 हजार श्रद्धालु अपना सामान यहां सुरक्षित रख सकेंगे।

अन्य सुविधाएं: पीएफसी (PFC) में पहले से 6,000 लॉकर मौजूद हैं। इसके अलावा रामानंदाचार्य प्रवेश द्वार पर बने सेवा केंद्र में बड़े सूटकेस रखने की भी व्यवस्था है, हालांकि वहां जूते रखने की अनुमति नहीं है।

श्रद्धालुओं के लिए सलाह:

अयोध्या की बढ़ती गर्मी को देखते हुए भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे दोपहर की तेज धूप के बजाय सुबह जल्दी या शाम के समय दर्शन का प्लान बनाएं। साथ ही, परिसर में मैट बिछने तक पैरों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।