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July 26 2026 08:16 am

महम कांड पर बयान से बढ़ा विवाद : जजपा ने कर्ण चौटाला को भेजा कानूनी नोटिस

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India News Live,Digital Desk : हरियाणा की सियासत एक बार फिर महम कांड (1990) को लेकर गरमा गई है। हाल ही में इनेलो नेता कर्ण चौटाला ने एक मीडिया इंटरव्यू में दावा किया कि उस घटना से जुड़ी एफआईआर में डॉ. अजय सिंह चौटाला का नाम शामिल था। इस बयान के बाद जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने कड़ा रुख अपनाते हुए कर्ण चौटाला को कानूनी नोटिस भेजा है।

जजपा ने लगाया छवि धूमिल करने का आरोप

जजपा ने कर्ण चौटाला के बयान को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। पार्टी का कहना है कि कर्ण चौटाला ने “गलत और झूठी जानकारी” देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की है।
जजपा के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई ने कर्ण चौटाला को लीगल नोटिस भेजते हुए 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और इस विषय पर जारी वीडियो क्लिप को इंटरनेट से हटाने की मांग की है।

नोटिस में क्या कहा गया

कानूनी नोटिस के अनुसार, कर्ण चौटाला ने जो बयान दिया है, वह तथ्यों से परे और बेबुनियाद है। नोटिस में यह भी कहा गया कि ऐसे बयानों से जजपा कार्यकर्ताओं और प्रदेश के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
नोटिस में यह स्पष्ट किया गया कि 1 मार्च 1990 को दर्ज एफआईआर नंबर 76, धारा 302, 307, 148, 149 आईपीसी, थाना महम में शिकायतकर्ता धर्मपाल निवासी मदीना (रोहतक) ने अभय सिंह चौटाला का नाम दर्ज कराया था, डॉ. अजय सिंह चौटाला का नहीं।

महम कांड क्या है

महम कांड 1990 में हरियाणा की राजनीति का सबसे चर्चित हिंसक प्रकरण था। महम विधानसभा उपचुनाव के दौरान हुई झड़प में कई लोगों की मौत हुई थी। यह घटना आज भी राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।