'चरैवेति-चरैवेति': फेल हुए छात्रों के लिए सीएम योगी का भावुक संदेश, थॉमस एडीसन का उदाहरण देकर जगाई नई उम्मीद
India News Live,Digital Desk : यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जहां सफल छात्रों के घरों में उत्सव का माहौल है, वहीं असफल रहे छात्रों के मन में छाई निराशा को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगे आए हैं। सीएम योगी ने "योगी की पाती" शीर्षक से एक विशेष पत्र लिखकर उन छात्रों का मनोबल बढ़ाया है जो इस बार सफल नहीं हो सके।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को जीवन का सबसे बड़ा मंत्र देते हुए कहा कि कोई भी रिजल्ट न तो पहला होता है और न ही अंतिम। यह महज एक पड़ाव है, मंजिल नहीं।
'चरैवेति-चरैवेति' यानी चलते रहो...
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्राचीन उपनिषदों के सूत्र 'चरैवेति-चरैवेति' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि असफलता से निराश होकर थमना नहीं है, बल्कि निरंतर परिश्रम और प्रगति पथ पर आगे बढ़ते रहना ही जीवन का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को नकारात्मकता के बजाय अपनी कमियों को सुधारने में लगाएं।
महान विभूतियों के संघर्ष की याद दिलाई
छात्रों को प्रेरित करने के लिए सीएम योगी ने दो महान हस्तियों का उदाहरण दिया:
थॉमस अल्वा एडीसन: उन्होंने लिखा कि एडीसन बल्ब का आविष्कार करने से पहले हजारों बार असफल हुए थे। यदि वे पहली हार मान लेते, तो दुनिया आज रोशन न होती। उनकी असफलता ही उनके महान आविष्कार की नींव थी।
श्रीनिवास रामानुजन: विश्व प्रसिद्ध गणितज्ञ रामानुजन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कैसे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों और बाधाओं के बावजूद हार नहीं मानी और गणित के शिखर पर पहुंचे।
सीएम ने लिखा, "जैसे सोना आग में तपकर ही कुंदन बनता है, वैसे ही असफलता भी भविष्य की बड़ी संभावनाओं को जन्म देती है।"
अभिभावकों के लिए अहम संदेश
मुख्यमंत्री ने छात्रों के साथ-साथ उनके माता-पिता से भी भावुक अपील की है:
दबाव न डालें: बच्चों को असफल होने पर कोसने या दूसरों से तुलना करने के बजाय उनका समर्थन करें।
रुचि को पहचानें: अभिभावक यह समझने की कोशिश करें कि बच्चे की दिलचस्पी किस विषय में है। करियर के हजारों रास्ते हैं, बस उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दें।
पत्र की पृष्ठभूमि: बढ़ती आत्मघाती घटनाओं पर चिंता
यूपी बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद कुछ जिलों से छात्रों के आत्मघाती कदम उठाने की दुखद खबरें सामने आई थीं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने इन्हीं घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए यह पत्र लिखा है ताकि छात्रों को मानसिक संबल मिल सके। शिक्षाविदों ने मुख्यमंत्री की इस पहल को सराहा है, उनका कहना है कि यह "शिक्षित समाज, उन्नत प्रदेश" के संकल्प को और मजबूती देगा।