यूपी में नौकरियों की बहार: इस साल होगी 1 लाख पुलिसकर्मियों की सीधी भर्ती, सीएम योगी ने किया बड़ा ऐलान

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का एक सुनहरा अवसर आने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से इस वर्ष पुलिस विभाग में 1 लाख नई भर्तियों की घोषणा की है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान सीएम योगी ने यह बड़ा ऐलान किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने पुलिस दूरसंचार विभाग के लिए चयनित 936 परिचालकों को नियुक्ति-पत्र भी सौंपे।

भर्ती प्रक्रिया में क्या होगा खास?

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड जल्द ही इस व्यापक भर्ती अभियान को शुरू करेगा। इस 1 लाख पदों की भर्ती में:

सिविल पुलिस (आरक्षी) के पद शामिल होंगे।

उपनिरीक्षक (SI) और अन्य तकनीकी श्रेणियों के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

हाल ही में 41,000 होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती परीक्षा के सफल आयोजन के बाद यह राज्य सरकार का अब तक का सबसे बड़ा पुलिस भर्ती कदम माना जा रहा है।

ट्रेनिंग क्षमता में 33 गुना की वृद्धि

2017 से पहले और अब के उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए सीएम योगी ने बताया कि पहले राज्य की पुलिस ट्रेनिंग क्षमता केवल 3,000 थी। वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर बन गया है। हाल ही में 60,244 आरक्षियों ने राज्य के ही केंद्रों में प्रशिक्षण लिया है। अब यूपी के जवानों को ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

कानून-व्यवस्था से बदली प्रदेश की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यूपी पुलिस ने प्रदेश को 'माफिया और गुंडा मुक्त' बनाया है। उन्होंने कहा, "सशक्त कानून-व्यवस्था ही विकास की सबसे बड़ी गारंटी है।" इसी सुरक्षित माहौल के कारण आज दुनिया भर के निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं, जिससे न केवल शांति व्यवस्था बनी है बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।

स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती पर फोकस

उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को सीधे पुलिस बल में शामिल किया है। सीएम योगी ने बताया कि इस पहल के कारण अब पुलिस विभाग के जवान अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश और प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं। इससे विभाग की शारीरिक और मानसिक क्षमता में भी अभूतपूर्व सुधार हुआ है।