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September 14 2026 04:55 pm

'जनता दर्शन' में पुलिस शिकायतों पर सख्त हुए CM योगी: बोले- थाना और चौकी स्तर पर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'जनता दर्शन' में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कई पीड़ितों ने स्थानीय पुलिस और थानों में सुनवाई न होने तथा विवेचना में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी गुहार लगाई। पीड़ितों की पीड़ा सुनकर सीएम योगी के तेवर बेहद तल्ख हो गए। उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि थाना, चौकी और बीट स्तर पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ तत्काल नियमसंगत दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

सीपी, एडीजी और कप्तानों को सीधे निर्देश: फील्ड में दिखे संवेदनशीलता

जनता दर्शन के दौरान जब कई फरियादियों ने बताया कि थानों के चक्कर काटने के बावजूद उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई या दबंगों पर कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है, तो मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को तलब करने के संकेत दिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस कमिश्नर (CP), एडीजी, आईजी, डीआईजी और जिलों के कप्तान (SSP/SP) अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिसिंग व्यवस्था पर पैनी नजर रखें। उन्होंने कहा कि थाना और चौकी स्तर पर आम जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए। यदि किसी थाने या बीट स्तर पर पीड़ितों को टरकाने या अपराधियों को संरक्षण देने की शिकायत प्रमाणित पाई जाती है, तो केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति न की जाए, बल्कि लापरवाह अफसरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

भू-माफिया और अवैध कब्जेदारों पर तुरंत चलेगा बुलडोजर

जनता दर्शन में भूमि विवाद और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीनों पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जे की भी कई शिकायतें आईं। इस पर मुख्यमंत्री ने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीमें बनाकर मौके पर जाने के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने दो टूक कहा कि गरीबों, असहायों और व्यापारियों की जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। ऐसे तत्वों के खिलाफ न केवल प्राथमिकी दर्ज की जाए, बल्कि उनके अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण और गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्तीकरण की कार्रवाई में भी कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व से जुड़े मामलों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए।

इलाज के लिए आर्थिक मदद और जनहितैषी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए ऐसे लोगों की भी बात सुनी जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। सीएम ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत अस्पताल से एस्टीमेट तैयार कराकर मुख्यमंत्री राहत कोष से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने दोहराया कि धन के अभाव में प्रदेश के किसी भी नागरिक का इलाज बाधित नहीं होना चाहिए। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे राशन, पेंशन और आवास से तत्काल जोड़ने के आदेश भी जारी किए।

बच्चों से की आत्मीय बातचीत, दी पढ़ाई और खेल में आगे बढ़ने की सीख

हमेशा की तरह जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी का एक बेहद आत्मीय और स्नेहपूर्ण रूप भी देखने को मिला। अपने माता-पिता और परिजनों के साथ पहुंचे नन्हे-मुन्ने बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री स्वयं मुस्कुराते हुए उनके पास पहुंचे।

उन्होंने बच्चों का हालचाल पूछा, उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और उनसे स्कूल व पढ़ाई के बारे में सवाल किए। सीएम ने बच्चों को चॉकलेट बांटी और कहा कि मन लगाकर पढ़ाई करने के साथ-साथ खेलकूद, संगीत और कला जैसी सकारात्मक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। मुख्यमंत्री की इस सख्त हिदायत के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमले में शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर हड़कंप मच गया है।