'बेटी सबकी होती है...' अखिलेश की बेटी पर टिप्पणी से भड़के सीएम योगी, सपा प्रमुख को दे डाली ये बड़ी नसीहत
लखनऊ/आजमगढ़: उत्तर प्रदेश की सियासत में इस समय बेटियों के सम्मान को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। शनिवार को आजमगढ़ पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर पहली बार सार्वजनिक मंच से अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि "बेटी तो बेटी होती है" और उसके सम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव को अपने कार्यकर्ताओं को तमीज और संस्कार सिखाने की सख्त नसीहत भी दे डाली।
जैसे ही संज्ञान में आया मामला, तुरंत दिए FIR के निर्देश: सीएम योगी
आजमगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं और बेटियों का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा:
"पिछले दिनों मेरे संज्ञान में आया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत और अभद्र टिप्पणियां की हैं। जैसे ही यह मामला मेरे सामने आया, मैंने बिना किसी देरी के पुलिस को तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया। हम उस सनातन संस्कार में पले-बढ़े हैं, जहां माना जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है और गांव की बहन सबकी बहन होती है। हमारी सरकार में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता।"
अखिलेश यादव को नसीहत: 'अपने चेले-चपाटों को संस्कारित करें'
अखिलेश यादव की बेटी पर टिप्पणी करने वालों पर एक्शन की बात करने के साथ ही सीएम योगी ने सपा प्रमुख पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दूसरों को उपदेश देने से पहले वे अपने दल के लोगों के आचरण को सुधारें।
सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा, "अखिलेश जी, दूसरों को नसीहत देने से पहले अपने चेले-चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दीजिए कि वे अपनी भाषा को संयमित रखें। दूसरों पर कीचड़ उछालने से पहले उन्हें खुद सोचना चाहिए कि उनकी पार्टी के लोग दूसरों की मां-बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत आत्माओं और वरिष्ठ नेताओं के प्रति किस तरह की अमर्यादित और घटिया भाषा का इस्तेमाल करते हैं। अच्छा होगा कि वे अपने लोगों को समझाएं, और अगर वे नहीं समझा सकते, तो उन्हें हमारे हवाले कर दें, हम उन्हें (कानूनी तौर पर) अच्छी तरह समझा देंगे।"
आजमगढ़ को मिली ₹955 करोड़ की सौगात, पुरानी सरकारों पर बरसे योगी
इस संवेदनशील मुद्दे पर बोलने के अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ को 955 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद उन्होंने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और सपा सरकार के कार्यकाल पर जमकर निशाना साधा।
सीएम योगी ने कहा, "2017 से पहले के आजमगढ़ को याद कीजिए, जिसे पहचान का संकट खड़ा हो गया था। तब यहां न तो कोई विश्वविद्यालय था, न पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे था और न ही एयरपोर्ट सही तरीके से काम कर रहा था। हरिहरपुर के संगीत घराने की सुध लेने वाला कोई नहीं था और मुबारकपुर की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी (काली मिट्टी के बर्तन) दम तोड़ रही थी। आज यूपी की 'डबल इंजन' सरकार की वजह से यहां के स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों का कारोबार कई गुना बढ़ गया है।"
'10 में से एक भी सीट नहीं दी, फिर भी विकास में कमी नहीं की'
राजनीतिक समीकरणों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता को याद दिलाया कि आजमगढ़ जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद विकास कार्यों में आजमगढ़ के साथ कोई सौतेला व्यवहार नहीं किया गया। सीएम योगी ने उम्मीद जताई कि आगामी चुनावों में जनता भाजपा उम्मीदवार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को भारी मतों से विजयी बनाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में पूर्व सांसद 'निरहुआ' की चुटकी लेते हुए कहा, “मैं तो निरहुआ से कहता हूं कि अपनी कुछ फिल्मों की शूटिंग आजमगढ़ की खूबसूरत वादियों में भी किया करो, ताकि यहां के स्थानीय नौजवानों को भी अपनी कला और प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सके।”