सीएम उद्यमी योजना में लोन के बदले मांग रहे थे घूस, सुल्तानपुर में बैंक मैनेजर और क्रेडिट ऑफिसर को CBI ने रंगे हाथ दबोचा
सुल्तानपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों के खिलाफ केंद्रीय व प्रादेशिक जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। लखनऊ में पूर्व एआरटीओ (ARTO) के ठिकानों पर विजिलेंस छापे में मिले 35 करोड़ के अकूत खजाने के बाद अब सुल्तानपुर जिले में एक और बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने एक सोची-समझी घेराबंदी के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) की कोइरीपुर शाखा के ब्रांच मैनेजर और क्रेडिट ऑफिसर (ऋण अधिकारी) को घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। ये अधिकारी उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी रोजगार योजना' के तहत मिलने वाले लोन के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे।
5 लाख के लोन में ओडी (OD) सुविधा देने के लिए मांगी थी घूस
सीबीआई को 13 जुलाई को लखनऊ मुख्यालय में एक पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसे सुल्तानपुर की कोइरीपुर शाखा से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) का लोन स्वीकृत हुआ था।
इस घूसकांड की मुख्य कड़ियां और सीबीआई की त्वरित कार्रवाई का पूरा विवरण नीचे दी गई तालिका में व्यवस्थित है:
| आरोपी का नाम व पद | बैंक शाखा व स्थान | भ्रष्टाचार का मामला और सीबीआई ऐक्शन |
|---|---|---|
| पुष्पक चौधरी (क्रेडिट ऑफिसर) | बैंक ऑफ बड़ौदा, कोइरीपुर शाखा, सुल्तानपुर (UP) | शिकायतकर्ता से ₹35,000 की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। |
| स्वर्णिम श्रीवास्तव (ब्रांच मैनेजर) | बैंक ऑफ बड़ौदा, कोइरीपुर शाखा, सुल्तानपुर (UP) | क्रेडिट ऑफिसर के साथ मिलीभगत और रिश्वत के लिए उकसाने/इशारा करने के आरोप में गिरफ्तार। |
| कुल मांगी गई घूस | ₹45,000 (45 हजार रुपये) | टर्म लोन जारी होने के बाद ओवरड्राफ्ट (OD) लिमिट चालू करने के एवज में डिमांड की गई थी। |
सीबीआई का 'कंगारू जाल', कोइरीपुर बैंक शाखा में मचा हड़कंप
सीबीआई ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद 13 जुलाई को ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद 14 जुलाई (मंगलवार) को आरोपियों को दबोचने के लिए एक विशेष जाल बिछाया गया। सीबीआई की एक गोपनीय टीम सुल्तानपुर के कोइरीपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के आस-पास सादे कपड़ों में तैनात हो गई और पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए रखी।
जैसे ही बैंक मैनेजर स्वर्णिम श्रीवास्तव के इशारे पर क्रेडिट ऑफिसर पुष्पक चौधरी ने बैंक परिसर के भीतर शिकायतकर्ता से केमिकल लगे 35 हजार रुपये के नोट स्वीकार किए, वैसे ही घात लगाए बैठी सीबीआई की टीम ने धावा बोलकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। पानी के घोल में हाथ डलवाते ही आरोपी अधिकारी की उंगलियां गुलाबी हो गईं, जिससे घूस लेने का वैज्ञानिक प्रमाण भी मौके पर ही स्थापित हो गया।
घंटों चली मैराथन पूछताछ, अन्य लोन खातों की भी होगी जांच
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम दोनों आरोपी अधिकारियों को हिरासत में लेकर बैंक के एक गोपनीय कक्ष में बैठ गई, जहां उनसे कई घंटों तक कड़ी पूछताछ की गई। सीबीआई इस बात की भी गहनता से पड़ताल कर रही है कि क्या इन दोनों अधिकारियों ने पूर्व में भी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना या अन्य सरकारी रोजगार योजनाओं के लाभार्थियों से लोन पास करने के नाम पर कमीशनखोरी या अवैध वसूली की है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे सुल्तानपुर जिले के बैंकिंग और प्रशासनिक महकमे में जबरदस्त हड़कंप मचा हुआ है। सीबीआई जल्द ही दोनों आरोपियों को लखनऊ स्थित विशेष सीबीआई अदालत (CBI Special Court) में पेश कर रिमांड की मांग करेगी।