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May 04 2026 04:11 pm

लद्दाख संकट पर 'बर्फ' पिघलने के आसार: NSA हटने के बाद अमित शाह और सोनम वांगचुक की पहली मुलाकात

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India News Live,Digital Desk : केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लंबे समय से जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच एक बड़ी उम्मीद की किरण नजर आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय लद्दाख दौरे के दौरान पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक और लद्दाख के अन्य प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जेल से रिहा होने के बाद वांगचुक और शाह के बीच यह पहली आमने-सामने की बातचीत है, जिसे लद्दाख के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुलाकात का माहौल: 'सब ठीक हो जाएगा'

अमित शाह भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में शामिल होने लेह पहुंचे थे। आध्यात्मिक यात्रा के दौरान हुई इस 30 मिनट की बैठक में शाह ने नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की।

अमित शाह का आश्वासन: गृह मंत्री ने नेताओं से कहा, "भगवान बुद्ध में विश्वास रखें, सब कुछ ठीक हो जाएगा।"

खुले दिमाग से संवाद: शाह ने स्पष्ट किया कि वे लद्दाख के मुद्दों को सुलझाने के लिए गंभीर हैं और उन्होंने नेताओं से "बीच का रास्ता" निकालने का सुझाव दिया।

22 मई: लद्दाख के लिए 'फैसले की घड़ी'

गृह मंत्री ने लद्दाख के प्रतिनिधियों (LAB और KDA) को सूचित किया है कि 22 मई 2026 को गृह मंत्रालय की उप-समिति (Sub-committee) की एक विशेष बैठक बुलाई गई है।

मुख्य एजेंडा: लद्दाख को छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के तहत सुरक्षा और पूर्ण राज्य का दर्जा देने जैसी मांगों पर चर्चा।

हाई-पावर कमेटी: यदि 22 मई की वार्ता सकारात्मक रहती है, तो गृह मंत्री खुद एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति की अध्यक्षता करेंगे, जो अंतिम निर्णय लेगी।

नेताओं की मांग: सांसद मोहम्मद हनीफा और त्सेरिंग दोरजे ने शाह से अनुरोध किया कि 22 मई की बैठक को अभी से ही 'उच्चाधिकार प्राप्त स्तर' पर अपग्रेड कर दिया जाए, जिस पर शाह ने वार्ता के परिणामों के आधार पर विचार करने का वादा किया।

सोनम वांगचुक: जेल से चर्चा की मेज तक

यह मुलाकात इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि सोनम वांगचुक करीब सात महीने पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किए गए थे।

सितंबर 2025 की हिंसा: 24 सितंबर 2025 को लद्दाख में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद वांगचुक को जोधपुर जेल भेज दिया गया था।

मार्च 2026 में रिहाई: इस साल मार्च में केंद्र सरकार ने उदार रुख अपनाते हुए वांगचुक पर से NSA हटा लिया और उन्हें रिहा कर दिया, ताकि संवाद की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सके।

पृष्ठभूमि: क्यों सुलग रहा है लद्दाख?

लद्दाख के लोग मुख्य रूप से चार सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं:

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा।

संविधान की छठी अनुसूची के तहत जनजातीय सुरक्षा।

लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग (PSC) और नौकरियों में आरक्षण।

लेह और कारगिल के लिए दो अलग लोकसभा सीटें।