ब्रजेश पाठक का सख्त एक्शन: अब जन औषधि केंद्रों में नहीं होगी दवाओं की कमी
India News Live,Digital Desk : वाराणसी में मंगलवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सर्किट हाउस सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उनका रुख बेहद सख्त दिखा। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों में किसी भी दवा की कमी अब बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी केंद्रों पर मानक के अनुरूप 100 प्रतिशत दवाएं हर समय उपलब्ध रहें। बैठक के दौरान उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी को फटकार लगाई और कहा कि जो डॉक्टर बाहरी या ब्रांडेड दवाएं लिखते हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
मीडिया रिपोर्टों पर सख्त एक्शन
हाल ही में ‘जागरण’ अखबार में तीन दिन तक जन औषधि केंद्रों की स्थिति पर खबरें प्रकाशित हुई थीं —
“आते हैं 800 मरीज, जन औषधि केंद्र पर सिर्फ 25 दवाएं”
“सरकारी अस्पतालों में दवा लिखने में गोलमाल, जन औषधि केंद्र बेहाल”
“अस्पताल संचालकों ने नहीं की जन औषधि केंद्र से खरीदारी”
इन खबरों पर उपमुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए कहा कि सस्ती जेनरिक दवाओं का उपयोग ही मरीजों को राहत दे सकता है। यदि कोई डॉक्टर इस नियम की अनदेखी करेगा, तो विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश पूरे वाराणसी मंडल में लागू होंगे ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर दवाओं का आर्थिक बोझ कम हो सके।
बैठक में डॉ. जेसी द्विवेदी (लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय) और डॉ. आर.एस. राम (पं. दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अब वाराणसी में एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में 25 करोड़ रुपये की लागत से एमआरआई मशीन लगाने की मंजूरी मिल गई है। अब तक मरीजों को इस सुविधा के लिए बीएचयू या निजी केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था।
वहीं, लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय, रामनगर में 3.50 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएगी।
महिला अस्पताल कबीरचौरा की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. नीना वर्मा ने एनेस्थेटिस्ट की मांग रखी, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि महिला स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
इसके साथ ही मंडलीय चिकित्सालय के अधिकारियों ने एमआरआई, डिजिटल एक्स-रे, एंबुलेंस, जनरेटर सेट, पैथोलॉजी, नेत्र, दंत और आर्थोपेडिक विभागों के लिए भी नए उपकरणों की मांग रखी।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने भीटी रामनगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की ऑनलाइन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आयुष्मान केंद्रों पर 100 प्रतिशत सुविधाएं दुरुस्त रखी जाएं।
उन्होंने कहा कि टेली मेडिसिन, ई-संजीवनी और दवा वितरण की डिजिटल सेवाओं में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों के मरीजों को अब नजदीकी केंद्रों पर ही बेहतर इलाज मिल सके, यह सरकार की प्राथमिकता है।