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May 12 2026 06:56 pm

बंगाल में 'कुर्सी' का महासंग्राम ममता का इस्तीफे से इनकार, जेठमलानी बोले-'धक्के मारकर बाहर निकालें राज्यपाल

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India News Live, Digital Desk:पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में ऐसा उबाल आया है जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। 294 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटें जीतकर बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हार मानने से साफ इनकार कर दिया है। ममता के इस अड़ियल रुख ने राज्य में एक बड़े संवैधानिक संकट की आहट दे दी है।

"घुसपैठिया की तरह सीएम ऑफिस में बैठी हैं ममता"

सुप्रीम कोर्ट के दिग्गज वकील महेश जेठमलानी ने ममता बनर्जी के इस कदम पर तीखा प्रहार किया है। एक निजी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा नतीजों की घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री का कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाता है। जेठमलानी ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, "ममता बनर्जी का व्यवहार माफी के योग्य नहीं है। हार के बाद वह मुख्यमंत्री कार्यालय में एक घुसपैठिया की तरह हैं। अगर वह गरिमा के साथ इस्तीफा नहीं देती हैं, तो राज्यपाल को उन्हें बेइज्जत करके पद से हटा देना चाहिए।"

क्या राज्यपाल पुलिस के जरिए हटवा सकते हैं मुख्यमंत्री?

संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए जेठमलानी ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (Pleasure of the Governor) पद पर बने रहते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्यपाल औपचारिक रूप से उन्हें बर्खास्त कर पुलिस की मदद से बाहर निकलवा सकते हैं। ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए 'सीटों की चोरी' के आरोपों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनके पास सबूत हैं तो वह अदालत जाएं, लेकिन इस तरह कुर्सी से चिपके रहना पूरी तरह असंवैधानिक है।

ममता का आरोप- 'जनादेश नहीं, यह तो साजिश है'

इधर, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने मंगलवार को दो टूक कहा, "मैं पद क्यों छोड़ूं? हम हारे नहीं हैं, जनादेश लूटा गया है। यह हार जनता की वजह से नहीं बल्कि एक गहरी साजिश का परिणाम है।" ममता ने दावा किया कि लगभग 100 सीटों पर धांधली हुई है और मतगणना की गति को जानबूझकर धीमा किया गया। उन्होंने केंद्रीय बलों पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए यहाँ तक कह दिया कि मतगणना केंद्र के अंदर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई।

क्या कहता है संविधान? अनिश्चितता के भंवर में बंगाल

संविधान विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में यह एक अभूतपूर्व स्थिति है। आज तक ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिला जब चुनाव हारने के बाद किसी मुख्यमंत्री ने पद छोड़ने से मना कर दिया हो।

अनुच्छेद 164 की शक्ति: जानकारों का कहना है कि बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है। अगर ममता इस्तीफा नहीं देती हैं, तो राज्यपाल अनुच्छेद 164 के तहत सरकार को बर्खास्त करने की शक्ति रखते हैं।

अजीत सिन्हा की राय: वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत सिन्हा के अनुसार, बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का न्योता मिलते ही और नए मुख्यमंत्री के शपथ लेते ही पिछला कार्यकाल स्वतः समाप्त माना जाएगा।

फिलहाल बंगाल की सड़कों से लेकर राजभवन तक तनाव व्याप्त है। सबकी नजरें राज्यपाल के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वह ममता बनर्जी को बर्खास्त करने का कड़ा फैसला लेंगे या ममता अंततः हार स्वीकार कर पद त्याग देंगी।