भवानीपुर में ममता की बड़ी हार, अमित शाह ने शुभेंदु के साथ मिलकर ऐसे लिखी 'दीदी' के पतन की कहानी
India News Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में भूकंप ला दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस बार न केवल सत्ता गंवानी पड़ी है, बल्कि उन्हें अपने ही गढ़ भवानीपुर में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। ममता को उनके ही पुराने सिपहसालार और अब भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों के अंतर से हरा दिया है। यह लगातार दूसरी बार है जब शुभेंदु ने ममता को धूल चटाई है। लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के पीछे असली 'मास्टरमाइंड' केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की वो रणनीति थी, जिसने भवानीपुर के चक्रव्यूह को भेद दिया।
शाह की जिद: 'सिर्फ नंदीग्राम नहीं, ममता के घर में घुसकर हराना है'
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, शुभेंदु अधिकारी केवल नंदीग्राम से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन अमित शाह ने उन्हें भवानीपुर से उतारने का साहसी फैसला लिया। शाह का मानना था कि ममता बनर्जी को उनके घर में चुनौती दिए बिना बंगाल की सत्ता पलटना नामुमकिन है। शाह ने खुद एक बार कहा था, "शुभेंदु दा नंदीग्राम चाहते थे, पर मैंने उनसे कहा कि दीदी को उनके घर में जाकर हराना होगा।"
'मिनी इंडिया' में शाह का माइक्रो-मैनेजमेंट
भवानीपुर को 'मिनी इंडिया' कहा जाता है, जहाँ गुजराती और मारवाड़ी मतदाताओं की बड़ी तादाद है। यहाँ करीब 25 हजार गुजराती और 21 हजार मारवाड़ी वोटर्स हैं। अमित शाह ने इन समुदायों के साथ व्यक्तिगत रूप से बैठकें कीं और उनकी समस्याओं को सुना। इन समुदायों ने शिकायत की थी कि पिछले चुनावों में उन्हें वोट डालने से रोका गया था। शाह ने आश्वासन दिया और हर संवेदनशील बूथ पर सुरक्षा का कड़ा पहरा सुनिश्चित किया, जिससे लोगों ने खुलकर मतदान किया।
पर्दे के पीछे की वो दो 'सीक्रेट' टीमें
चुनाव प्रचार के दौरान जब शाह कोलकाता में रुके थे, तब उन्होंने भवानीपुर के लिए विशेष टीमें तैनात की थीं। इन टीमों को दो प्रमुख काम सौंपे गए थे:
पार्टी के भीतर की कलह को सुलझाना: ताकि संगठन एकजुट होकर लड़े।
टीएमसी की धमकियों की रिपोर्ट देना: जमीन पर हो रही किसी भी डराने-धमकाने वाली गतिविधि की जानकारी सीधे शाह की टीम तक पहुँच रही थी। भाजपा की रणनीति यह थी कि पार्टी कार्यकर्ता सुबह 11 बजे से पहले अपना वोट डाल दें और फिर बाकी दिन अन्य मतदाताओं को बूथ तक लाने में जुट जाएं।
2014 का वो वादा और 2026 की हकीकत
ममता बनर्जी की इस हार के बाद अमित शाह का साल 2014 का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है। कोलकाता की एक रैली में ममता के सवाल "अमित शाह कौन है?" का जवाब देते हुए शाह ने कहा था, "दीदी, मैं अमित शाह हूं, भाजपा का एक छोटा सा कार्यकर्ता। मैं इस बंगाल की भूमि से तृणमूल को उखाड़ने आया हूं।" 12 साल बाद शाह का वह संकल्प अब सच होता दिख रहा है।
दोबारा गिनती और सीटों का जादुई आंकड़ा 207
मंगलवार को नाटकीय घटनाक्रम में भाजपा की सीटों की संख्या 207 पहुँच गई। राजारहाट-न्यू टाउन सीट पर हुई दोबारा मतगणना में भाजपा के पीयूष कनोडिया ने टीएमसी के तापस चटर्जी को महज 309 वोटों से हरा दिया। इस जीत ने भाजपा के बहुमत को और मजबूती दे दी है। फिलहाल राज्य में 9 मई (टैगोर जयंती) को शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज हैं और शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।