June 23 2026 12:17 am

डिप्टी सीएम केशव मौर्य और चिराग पासवान के बीच बड़ी चर्चा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा 'डिजिटल' पंख

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने हाथ मिला लिया है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु यूपी में खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) क्षेत्र में निवेश बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना रहा।

मोबाइल फूड प्रोसेसिंग यूनिट: गांव-गांव पहुंचेगी फैक्ट्री

बैठक में 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना' (PMFME) के तहत एक क्रांतिकारी कदम पर चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश सरकार अब मोबाइल फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है।

फायदा: इससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे उद्यमियों को अपनी उपज (फल, सब्जी आदि) को प्रोसेस करने के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा। यह 'फैक्ट्री ऑन व्हील्स' की तरह काम करेगी।

तकनीक: कॉमन इंक्यूबेशन सेंटरों के माध्यम से उद्यमियों को आधुनिक मशीनरी, प्रशिक्षण और पैकेजिंग की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

ऋण स्वीकृति में यूपी देश में नंबर वन

उप मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि PMFME योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश पूरे देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। ऋण स्वीकृति (Loan Sanction) और उनके वितरण के मामले में यूपी का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। इसका सीधा मतलब है कि राज्य में छोटे और सूक्ष्म खाद्य उद्यमी तेजी से पनप रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण: 19 करोड़ की 'सीड कैपिटल'

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली महिलाओं के लिए भी इस बैठक में बड़ी खुशखबरी निकलकर आई।

स्वयं सहायता समूह (SHG): राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं के समूहों को 19 करोड़ रुपये की 'सीड कैपिटल' (शुरुआती पूंजी) उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।

आत्मनिर्भरता: इस राशि का उपयोग महिलाएं अचार, पापड़, जैम, और मसालों जैसे खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण और ब्रांडिंग में कर सकेंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनेंगी।

यूपी बनेगा ग्लोबल प्रोसेसिंग हब

केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के बीच यह साझा प्रतिबद्धता उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख प्रोसेसिंग हब बनाएगी। उन्होंने कहा कि निवेश, नवाचार (Innovation) और उद्यमिता को प्रोत्साहित कर हम न केवल किसानों की आय दोगुनी करेंगे, बल्कि यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी यह मील का पत्थर साबित होगा।