June 22 2026 11:01 pm

जहाज बनाने वाली सरकारी कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार; खबर आते ही कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में भारी हलचल

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भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई तेजी के बीच रक्षा और शिपिंग सेक्टर की दिग्गज पीएसयू (PSU) कंपनी कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard) के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया. बाजार में उड़ती खबरों के बीच निवेशकों में मची हलचल की वजह से कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान ₹1,417.35 के निचले स्तर और ₹1,485.50 के उच्च स्तर के बीच झूलता नजर आया. हालांकि, उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद अंत में यह स्टॉक 1.36% की बढ़त के साथ ₹1,478.15 पर बंद होने में कामयाब रहा.

क्या है पूरा मामला? क्यों आई शेयरों में हलचल?

मीडिया रिपोर्ट्स और सीएनबीसी-टीवी18 (CNBC-TV18) के सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस डिफेंस पीएसयू कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने के लिए जल्द ही ऑफर फॉर सेल (OFS) ला सकती है. खास बात यह है कि सरकार यह हिस्सेदारी बाजार भाव से कुछ डिस्काउंट (छूट) पर ऑफर कर सकती है, जिसकी भनक लगते ही निवेशकों ने शेयरों में भारी ट्रेडिंग शुरू कर दी.

सरकार का यह कदम चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में अपनी हिस्सेदारी घटाकर विनिवेश (Divestment) के जरिए फंड जुटाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने इस साल अब तक विभिन्न पीएसयू कंपनियों में ओएफएस लाकर ₹16,000 करोड़ से अधिक की बड़ी राशि जुटाई है. इससे पहले सरकार कोल इंडिया, एनएचपीसी (NHPC), एनएलसी इंडिया और जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) जैसी बड़ी सरकारी कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी बेच चुकी है.

कैसा है कोचीन शिपयार्ड का शेयरहोल्डिंग पैटर्न?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक कंपनी का मालिकाना हक मुख्य रूप से इन हाथों में था:

केंद्र सरकार: कोचीन शिपयार्ड में सरकार की प्रमोटर के तौर पर लगभग 68% हिस्सेदारी है.

एलआईसी (LIC): देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 3% से अधिक के शेयर हैं.

म्यूचुअल फंड्स: लगभग 24 म्यूचुअल फंड्स ने मिलकर कंपनी में 2% से थोड़ी अधिक हिस्सेदारी ली हुई है.

रिटेल निवेशक: देश के करीब 9.62 लाख आम (रिटेल) निवेशकों के पास इस पीएसयू कंपनी की लगभग 20 फीसदी की बड़ी हिस्सेदारी मौजूद है.

कैसा रहा है शेयर का परफॉर्मेंस?

शॉर्ट टर्म में कोचीन शिपयार्ड का शेयर दबाव में नजर आ रहा है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह मल्टीबैगर साबित हुआ है:

शॉर्ट टर्म: पिछले एक हफ्ते में शेयर करीब 2% चढ़ा है, लेकिन एक महीने में इसमें 6% और साल 2026 में अब तक (YTD) करीब 12% की गिरावट आ चुकी है. एक साल के आधार पर स्टॉक करीब 34% टूटा है.

लॉन्ग टर्म: लंबी अवधि में इस शेयर की साख मजबूत है. पिछले 3 सालों में इसने निवेशकों को 391% और 5 वर्षों में 601% का बंपर रिटर्न दिया है.

52-हफ्ते का स्तर: इस शेयर का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹2,280 (जो पिछले साल मई में बना था) और निचला स्तर ₹1,186.55 है.

कंपनी के वित्तीय नतीजे (Financial Results)

मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में मिश्रित रुख देखने को मिला:

नेट प्रॉफिट: सालाना आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 3.7 फीसदी घटकर ₹276.5 करोड़ रहा.

ऑपरेटिंग रेवेन्यू: परिचालन आय भी 15.6 फीसदी की गिरावट के साथ ₹1,484 करोड़ पर आ गई.

मार्जिन में सुधार: भले ही रेवेन्यू गिरा हो, लेकिन बेहतर लागत नियंत्रण (Cost Control) और परिचालन दक्षता की बदौलत कंपनी का एबिटा (EBITDA) 16.5 फीसदी बढ़कर ₹310 करोड़ पर पहुंच गया. इसी के साथ कंपनी का एबिटा मार्जिन भी 15.1 फीसदी से शानदार छलांग लगाते हुए 20.9 फीसदी दर्ज किया गया.