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August 13 2026 03:45 pm

Astro Alert: राहु के नक्षत्र में मंगल का बड़ा गोचर, अगले 21 दिनों तक रहेगा खतरनाक 'अंगारक योग'! इन 4 राशियों के जीवन में मच सकती है हलचल

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वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का गोचर और उनका नक्षत्र परिवर्तन मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। जब भी ग्रहों के सेनापति मंगल और पापी ग्रह राहु का संबंध बनता है, तो ज्योतिष शास्त्र में इसे बेहद संवेदनशील और उग्र माना जाता है। इस बार मंगल ग्रह राहु के स्वामित्व वाले नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे अगले 21 दिनों तक 'अंगारक योग' जैसी स्थिति का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से मंगल को अग्नि तत्व का कारक माना जाता है, जबकि राहु को वायु और भ्रम का कारक माना जाता है। जब अग्नि और वायु का आपस में तालमेल बैठता है, तो आग और अधिक भड़कती है। यही वजह है कि अंगारक योग के दौरान लोगों के स्वभाव में अचानक गुस्सा, चिड़चिड़ापन, वाद-विवाद और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस गोचर का प्रभाव देश-दुनिया की राजनीति, मौसम के बदलाव और शेयर बाजार के साथ-साथ आम जनता के व्यक्तिगत जीवन पर भी पड़ेगा। विशेषकर उन जातकों के लिए जिनकी कुंडली में मंगल या राहु की स्थिति पहले से कमजोर है, उनके लिए यह 21 दिन किसी परीक्षा से कम नहीं होंगे।

21 दिनों का गोचरकाल: किन बातों का रखना होगा विशेष ध्यान?

मंगल का राहु के नक्षत्र में रहना ऊर्जा के असंतुलन को दर्शाता है। अगले 21 दिनों के दौरान जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला बड़ा नुकसान करा सकता है। इस समय गाड़ी चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि अंगारक योग के प्रभाव से वाहन दुर्घटना या चोट लगने का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा, पारिवारिक जीवन में छोटे-छोटे मुद्दों पर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।

आर्थिक मोर्चे पर भी यह गोचर जोखिम भरा साबित हो सकता है। किसी भी नए कारोबार में बड़ा निवेश करने, सट्टा बाजार या शेयर मार्केट में पैसा लगाने से बचना चाहिए। कार्यस्थल पर सहकर्मियों और उच्च अधिकारियों के साथ बहस से बचें, क्योंकि राहु का भ्रम आपके बनते हुए काम बिगाड़ सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे कौन सी 4 राशियां हैं, जिन्हें इन 21 दिनों तक सबसे ज्यादा संभालकर रहने की सलाह दी जाती है।

1. मेष राशि (Aries): संयम और स्वास्थ्य पर दें ध्यान

मेष राशि का स्वामी स्वयं मंगल ग्रह है। ऐसे में मंगल का राहु के नक्षत्र में जाना मेष राशि के जातकों के लिए सीधा मानसिक तनाव लेकर आ सकता है। इस दौरान आपका स्वभाव अत्यधिक उग्र हो सकता है, जिससे बने-बनाये रिश्ते बिगड़ सकते हैं। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ अनबन की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य के मामले में आपको रक्त संबंधी समस्याएं, उच्च रक्तचाप या सिरदर्द का सामना करना पड़ सकता है। सलाह दी जाती है कि अगले 21 दिनों तक अपनी वाणी पर संयम रखें और वाहन बहुत सावधानी से चलाएं।

2. मिथुन राशि (Gemini): आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह अंगारक योग आर्थिक मोर्चे पर उथल-पुथल मचा सकता है। राहु के प्रभाव से आपके सामने अचानक अप्रत्याशित खर्चे आ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है। अगर आप साझेदारी में कोई व्यापार कर रहे हैं, तो अपने पार्टनर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन का लेन-देन करते समय कागजी कार्रवाई पूरी रखें। इस दौरान किसी को भी उधार देने से बचें, वरना आपका पैसा लंबे समय के लिए फंस सकता है। पारिवारिक मामलों में भी धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।

3. वृश्चिक राशि (Scorpio): रिश्तों और कार्यस्थल पर सतर्कता जरूरी

वृश्चिक राशि का स्वामी भी मंगल ग्रह ही है, इसलिए इस गोचर का सीधा असर आपकी निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ेगा। अंगारक योग के कारण आपके भीतर एक अज्ञात भय और चिड़चिड़ापन रह सकता है। ऑफिस में बॉस या सीनियर्स के साथ बहसबाजी से बचें, वरना आपकी नौकरी पर भी आंच आ सकती है। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। कोर्ट-कचहरी या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों को फिलहाल के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।

4. कुंभ राशि (Aquarius): हादसों और विवादों से बनाएं दूरी

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर छठे या आठवें भाव से जुड़ाव रखने के कारण स्वास्थ्य और विरोधियों के संदर्भ में परेशानी बढ़ा सकता है। इस दौरान आपके गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं। अंगारक योग के कारण आपको अग्निकांड, बिजली के उपकरणों से चोट लगने या सड़क हादसे का खतरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में किसी भी प्रकार की राजनीति से दूर रहें और अपने काम से काम रखें। किसी भी कानूनी दस्तावेज पर बिना पढ़े दस्तखत न करें।

अंगारक योग के अशुभ प्रभाव से बचने के अचूक उपाय

ज्योतिष शास्त्र में हर समस्या का समाधान भी मौजूद है। यदि आपकी राशि भी इन 4 प्रभावित राशियों में शामिल है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। वैदिक उपायों के जरिए आप इस अंगारक योग के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

प्रतिदिन या विशेषकर मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमान जी की पूजा से मंगल और राहु दोनों के अशुभ प्रभाव समाप्त होते हैं। मंगलवार के दिन लाल मसूर की दाल, गुड़ या लाल कपड़े का दान जरूरतमंदों को करें। शनिवार के दिन पक्षियों को बाजरा या सतनाजा (सात अनाज) खिलाएं। शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें, साथ ही 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। जल तत्व की ऊर्जा आपके भीतर के गुस्से और तनाव को शांत करेगी। मंगलवार और शनिवार को नीम का पेड़ या बरगद के पेड़ में जल चढ़ाएं और वहां दीपक जलाएं। अपने गले में चांदी का टुकड़ा या चांदी की चैन धारण करें। चांदी चंद्रमा का प्रतीक है, जो मन को शांत रखने और राहु के भ्रम को दूर करने में मदद करती है।