Apple का बड़ा यू-टर्न: टचस्क्रीन वाले 'MacBook Neo 2' के इंतजार में बैठे फैंस को लगा झटका, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट ने किया हैरान करने वाला खुलासा..
India News Live,Digital Desk : दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल (Apple) के गैजेट्स को लेकर बाजार में हमेशा ही उत्सुकता बनी रहती है। हाल ही में किफायती 'मैकबुक नियो' (MacBook Neo) की चर्चाओं के बीच तकनीकी गलियारों में यह खबर तेजी से फैली थी कि कंपनी अब अपने अगले वर्जन यानी 'मैकबुक नियो 2' में टचस्क्रीन की सुविधा देने जा रही है। लेकिन, अब इस खबर पर एक बड़ी अपडेट सामने आई है, जो एप्पल प्रेमियों को थोड़ा निराश कर सकती है। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट ने इन तमाम अफवाहों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
टचस्क्रीन मैकबुक की अफवाहों पर ब्लूमबर्ग की मुहर
बीते कुछ समय से सोशल मीडिया और टेक पोर्टल्स पर 'मैकबुक नियो 2' के टचस्क्रीन सपोर्ट के साथ आने की खबरें ट्रेंड कर रही थीं। माना जा रहा था कि एप्पल अपने यूजर्स के अनुभव को बदलने के लिए आईपैड जैसा टच इंटरफेस लैपटॉप में भी लाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, ब्लूमबर्ग की ओर से जारी हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एप्पल ने अभी तक सामान्य मैकबुक मॉडल्स में टच सपोर्ट देने का कोई ठोस फैसला नहीं लिया है। कंपनी फिलहाल अपनी पुरानी रणनीति पर ही कायम नजर आ रही है।
सिर्फ हाई-एंड 'मैकबुक प्रो' में मिल सकती है यह खास सुविधा
रिपोर्ट में इस बात का भी संकेत दिया गया है कि अगर भविष्य में एप्पल टचस्क्रीन तकनीक को मैक सेगमेंट में शामिल करता भी है, तो यह सुविधा केवल प्रीमियम और हाई-एंड 'मैकबुक प्रो' मॉडल्स तक ही सीमित रह सकती है। यानी जो यूजर्स सस्ते या बजट सेगमेंट वाले मैकबुक नियो सीरीज में टचस्क्रीन की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। एप्पल का मानना है कि टचस्क्रीन फीचर को प्रोफेशनल और हाई-एंड डिवाइसेस के लिए रिजर्व रखना ही ब्रांड की वैल्यू के लिए बेहतर है।
एप्पल की भविष्य की योजना और तकनीकी चुनौतियां
जानकारों का मानना है कि एप्पल मैकओएस (macOS) को टच फ्रेंडली बनाने के लिए काफी सावधानी बरत रहा है। कंपनी नहीं चाहती कि टच सपोर्ट देने के चक्कर में मैकबुक के मूल यूजर एक्सपीरियंस के साथ कोई समझौता हो। फिलहाल, कंपनी का पूरा ध्यान मैकबुक नियो के सफल लॉन्च और उसकी परफॉर्मेंस पर है। ऐसे में 'नियो 2' में टचस्क्रीन का न होना उन लोगों के लिए एक सबक है जो केवल अफवाहों के आधार पर खरीदारी का मन बना रहे थे। एप्पल की ओर से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान आना बाकी है।