AI Impact Summit 2026: भारत के विजन पर 88 देशों-संगठनों की मुहर, 'सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय' पर वैश्विक सहमति

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India News Live,Digital Desk : भारत की राजधानी में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' एक ऐतिहासिक कूटनीतिक और तकनीकी सफलता के साथ संपन्न हुआ। इस शिखर सम्मेलन में दुनिया के 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भारत के एआई घोषणापत्र (AI Declaration) पर हस्ताक्षर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण' को वैश्विक मान्यता दे दी है।

केंद्रीय आईटी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए इसे 'ह्यूमन-सेंट्रिक एआई' की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।

'सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय': एआई का लोकतंत्रीकरण

शिखर सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह रहा कि हस्ताक्षरित 86 देशों और दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भारत के मूल मंत्र 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सभी का कल्याण, सभी की खुशी) को स्वीकार किया है।

लोकतंत्रीकरण: इस विजन का उद्देश्य एआई संसाधनों और कंप्यूटिंग पावर को केवल कुछ शक्तिशाली देशों या बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित न रखकर, दुनिया भर के समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।

ग्लोबल साउथ की आवाज: यह 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) में आयोजित होने वाला दुनिया का पहला एआई शिखर सम्मेलन था, जिसने वैश्विक तकनीकी नीतियों में विकासशील देशों की भागीदारी सुनिश्चित की है।

प्रमुख उपलब्धियां और रणनीतिक फैसले

16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम में चले इस महामंच ने भविष्य की तकनीक के लिए कई मानक तय किए हैं:

सुरक्षित और जवाबदेह एआई: एआई के प्रशासन, सुरक्षा मानकों और समाज पर इसके प्रभाव को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय ढांचा तैयार करने पर सहमति बनी है।

हितधारकों की भागीदारी: इस सम्मेलन में सरकारी नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स ने एआई की परिवर्तनकारी क्षमता पर विस्तार से चर्चा की।

भविष्य का रोडमैप: यह घोषणापत्र अब एआई के सुरक्षित विकास और इसके आर्थिक लाभों को विकासशील देशों तक पहुँचाने का मुख्य आधार बनेगा।

सफलता के बीच राजनीतिक विवाद की छाया

तकनीकी और नीतिगत मोर्चे पर मिली इस बड़ी सफलता के बीच आयोजन स्थल पर हुआ राजनीतिक हंगामा भी चर्चा का विषय रहा। भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए 'अर्द्धनग्न' विरोध प्रदर्शन की सरकार और विपक्षी दलों के कई नेताओं ने कड़ी आलोचना की है।

आलोचना: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इसे 'राष्ट्र-द्रोह' के समकक्ष बताते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि धूमिल हुई है।

कानूनी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कई युवा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है और उनकी रिमांड मांगी है।