श्रावस्ती में अब नहीं चलेगी गैस एजेंसियों की मनमानी: सिलेंडर वितरण के लिए प्रशासन ने बदला नियम...

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India News Live,Digital Desk : जनपद में रसोई गैस वितरण व्यवस्था को लेकर अक्सर आने वाली शिकायतों और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब श्रावस्ती के उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए न तो भटकना पड़ेगा और न ही उनके साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी की गुंजाइश रहेगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए 'सीरियल नंबर मिलान' का नया फॉर्मूला लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था से गैस एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया है, जबकि आम जनता ने राहत की सांस ली है।

अब खाली और भरे सिलेंडर का सीरियल नंबर होगा एक

प्रशासन द्वारा लागू किए गए नए नियमों के मुताबिक, अब गैस वितरण के दौरान पारदर्शिता का विशेष ख्याल रखा जाएगा। गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि जब भी कोई डिलीवरी मैन उपभोक्ता के घर जाएगा या उपभोक्ता एजेंसी पर आएगा, तो सबसे पहले उसके पास मौजूद खाली सिलेंडर का 'यूनिक सीरियल नंबर' रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद, उपभोक्ता को ठीक उसी सीरियल नंबर के साथ मैप किया गया रिफिल (भरा हुआ) सिलेंडर ही प्रदान करना होगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को सही वजन और गुणवत्ता वाला वही सिलेंडर मिले जो उनके कनेक्शन के लिए आवंटित है।

कालाबाजारी और धांधली पर कसेगा शिकंजा

अक्सर ऐसी शिकायतें आती थीं कि गैस वितरण के दौरान सिलेंडरों की अदला-बदली कर दी जाती है या फिर पुराने और जर्जर सिलेंडरों को उपभोक्ताओं के मत्थे मढ़ दिया जाता है। प्रशासन का मानना है कि सीरियल नंबर दर्ज करने की अनिवार्य प्रक्रिया से सिलेंडरों की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी। इससे न केवल अवैध रूप से गैस निकालने वाली घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक वितरण के बीच का अंतर भी खत्म हो जाएगा। यदि कोई एजेंसी इस नियम का उल्लंघन करती पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?

इस नई व्यवस्था के लागू होने से उपभोक्ताओं को दो बड़े फायदे होंगे। पहला, उन्हें यह सुनिश्चित रहेगा कि उन्हें जो सिलेंडर मिला है वह सुरक्षित और वैध है। दूसरा, गैस वितरण की रसीद पर सीरियल नंबर दर्ज होने से भविष्य में किसी भी तकनीकी खराबी या लीकेज की स्थिति में जवाबदेही तय करना आसान होगा। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे सिलेंडर लेते समय डिलीवरी मैन से सीरियल नंबर की प्रविष्टि जरूर करवाएं और बिना रसीद के कोई भी लेन-देन न करें। श्रावस्ती में यह पहल उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक नजीर बन सकती है।