A major gift from the Yogi government to sugarcane farmers: 8 साल में रिकॉर्ड 3 लाख करोड़ का भुगतान, यूपी बना चीनी-इथेनॉल का पावरहाउस

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बीते आठ से नौ साल अभूतपूर्व रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बताया कि 2017 के बाद से अब तक गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि किसानों के प्रति सरकार की बदली हुई सोच और मजबूत नीयत को भी दर्शाता है।

लोकभवन में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ने किसान और बैंक के बीच की दूरी खत्म कर दी है। पहले जहां किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब ई-केसीसी के जरिए मात्र पांच मिनट में ऋण स्वीकृत हो रहा है।

एआई और तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब सरकार और किसान मिलकर यह सोच रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग खेती में कैसे किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में AI एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में करीब 13 प्रतिशत अधिक है। यह इस बात का संकेत है कि सरकार कृषि को विकास की धुरी मानकर आगे बढ़ रही है।

दिव्यांग और महिलाएं बनीं बदलाव की मिसाल

मुख्यमंत्री ने संगोष्ठी में प्रस्तुत एफपीओ (Farmer Producer Organization) मॉडल्स की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग और महिला नेतृत्व वाले एफपीओ पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल हैं।
कसया मिल्क प्रोड्यूसर एफपीओ, जिसमें 1005 दिव्यांग सदस्य जुड़े हैं, और मथुरा की 750 महिलाओं वाली सरसों उत्पादन कंपनी इसका जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग देगी।

चीनी और इथेनॉल उत्पादन में यूपी नंबर-1

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में चीनी और इथेनॉल उत्पादन में नंबर-1 है।
जहां वर्ष 2000 से 2017 के बीच 17 वर्षों में गन्ना किसानों को 2.14 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था, वहीं बीते 8-9 वर्षों में ही 3 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे पहुंचे हैं। यानी पहले की तुलना में 86 हजार करोड़ रुपये अधिक भुगतान।

एमएसएमई और ओडीओपी ने बदली अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि ओडीओपी (One District One Product) योजना ने यूपी के एमएसएमई सेक्टर को नई पहचान दी है।
आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं और करीब 3 करोड़ परिवार इससे जुड़े हैं।
निर्यात 84 हजार करोड़ से बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और यूपी देश का पहला राज्य है, जो एमएसएमई को ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा दे रहा है।

दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना यूपी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी बीमारू राज्य कहे जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
2016 में जहां प्रदेश की अर्थव्यवस्था 11.7 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने जा रही है।
प्रति व्यक्ति आय ₹43 हजार से बढ़कर ₹1.20 लाख हो चुकी है और फिस्कल डेफिसिट 3 प्रतिशत से भी कम है।

बैंकों से सीएम की अपील

मुख्यमंत्री ने बैंकों से अपील की कि ऋण वितरण की शर्तों को सरल बनाएं और किसानों, एफपीओ, एमएसएमई व सहकारी संस्थाओं को सकारात्मक सहयोग दें।
उन्होंने कहा कि तकनीक, ट्रेनिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए उत्तर प्रदेश अपने अनलिमिटेड पोटेंशियल को साकार कर रहा है।