8th Pay Commission : 8 लाख कर्मचारियों के वेतन संशोधन पर सरकार का बड़ा बयान, लोकसभा में दी ये अहम जानकारी...
India News Live,Digital Desk : देश के लाखों सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSE) के कर्मचारियों के वेतन में होने वाले बदलावों और अलग वेतन संशोधन तंत्र (Pay Revision Mechanism) को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। इस घोषणा के बाद उन कयासों पर विराम लग गया है, जिनमें एक नई समिति के गठन की उम्मीद जताई जा रही थी।
लोकसभा में उठा वेतन संशोधन का मुद्दा
संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में सांसदों ने कर्मचारियों के हितों और 2027 से प्रभावी होने वाले वेतन संशोधन को लेकर सरकार को घेरा। सांसद लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद ने एक लिखित सवाल के जरिए सरकार से पूछा था कि क्या देश के करीब 8 लाख सीपीएसई कर्मचारियों के लिए 2027 से लागू होने वाले वेतन संशोधन हेतु किसी अलग संस्थागत व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है? इस सवाल ने देशभर के पीएसयू कर्मचारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनकी आर्थिक स्थिति और भविष्य से जुड़ा मामला है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने साफ किया रुख
सांसद के सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सरकार का आधिकारिक पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार के पास फिलहाल केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में कार्यरत नॉन-एक्जीक्यूटिव कर्मचारियों और बोर्ड स्तर से नीचे के अधिकारियों (Below Board Level Officers) के लिए कोई अलग या नई वेतन संशोधन समिति (PRC) गठित करने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसका सीधा मतलब यह है कि वर्तमान में सरकार पुराने तंत्र में किसी भी बड़े बदलाव की योजना नहीं बना रही है।
कर्मचारियों की उम्मीदों को लगा झटका
सरकार के इस जवाब के बाद उन कर्मचारियों के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है, जो 2027 से प्रभावी होने वाले अगले पे-रिवीजन के लिए एक अलग और समर्पित समिति की मांग कर रहे थे। सीपीएसई कर्मचारी लंबे समय से बेहतर वेतन संरचना और विसंगतियों को दूर करने के लिए एक मजबूत संस्थागत तंत्र की वकालत कर रहे थे। हालांकि, सरकार के रुख से साफ है कि आने वाले समय में मौजूदा नियमों के आधार पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 8वें वेतन आयोग को लेकर भी कर्मचारी संगठनों की नजरें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।