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August 22 2026 10:37 pm

AUS vs BAN 2nd Test: मकाय में पहले ही दिन गिरे 18 विकेट, 51 साल में तीसरी बार हुआ ऐसा अविश्वसनीय कारनामा

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टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे क्लासिक और धैर्यवान प्रारूप माना जाता है जहां पांच दिनों तक बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच रणनीतिक जंग चलती है। लेकिन कभी-कभी लाल गेंद और 22 गज की हरी पट्टी पर ऐसा ऐतिहासिक तूफान उठता है जो दशकों के रिकॉर्ड्स को कुछ ही घंटों में तहस-नहस कर देता है। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड स्थित मकाय के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच शुरू हुए दूसरे टेस्ट मुकाबले के पहले ही दिन क्रिकेट जगत ने एक ऐसा विस्मयकारी और रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर देखा। मैच के पहले ही दिन महज 74 ओवरों के खेल में दोनों टीमों के कुल 18 विकेट ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। टेस्ट क्रिकेट के पिछले 51 वर्षों के इतिहास में यह केवल तीसरी बार हुआ है जब किसी टेस्ट मैच के पहले ही दिन (Day-1) 18 या उससे अधिक विकेट गिरे हों। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने जहां गेंदबाजों की स्वर्णिम कला का जश्न मनाया, वहीं आधुनिक बल्लेबाजों के तकनीक और अनुशासन पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुकाबले की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस द्वारा टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के आक्रामक फैसले के साथ हुई। पहले टेस्ट में डार्विन की पिच पर 9 विकेट की शर्मनाक हार का दंश झेलने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का गुस्सा मकाय की सुबह साफ नजर आ रहा था। ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के अगुआ मिचेल स्टार्क ने मैच की बिल्कुल पहली ही गेंद पर बांग्लादेशी सलामी बल्लेबाज शादमान इस्लाम को आउट कर 'गोल्डन डक' पर पवेलियन भेज दिया। इसके साथ ही स्टार्क टेस्ट इतिहास में चार अलग-अलग मैचों की पहली ही गेंद पर विकेट चटकाने वाले दुनिया के इकलौते गेंदबाज बन गए। इसके बाद स्टार्क ने ऐसी आग उगली कि महज 22 गेंदों और 42 मिनट के अपने तूफानी स्पेल में बांग्लादेश के पांच शीर्ष बल्लेबाजों को ढेर कर दिया, जिनमें से चार बल्लेबाज बिना खाता खोले शून्य पर आउट हुए। पैट कमिंस (3 विकेट) और जोश हेजलवुड (1 विकेट) के घातक सहयोग से बांग्लादेश की पूरी टीम पहली पारी में लंच के तुरंत बाद मात्र 64 रनों पर सिमट गई।

बांग्लादेश को 64 रन पर समेटने के बाद ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मकाय की धूप में आसानी से एक विशाल स्कोर खड़ा कर मैच को एकतरफा बना देंगे। लेकिन बांग्लादेश के 25 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शोरीफुल इस्लाम ने चोट से उबरकर मैदान पर लौटते ही ऑस्ट्रेलियाई खेमे में वही खौफ पैदा कर दिया जो कुछ देर पहले स्टार्क ने किया था। शोरीफुल ने अपने घातक इन-स्विंग और लेट सीम मूवमेंट से ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने ट्रैविस हेड (22) और मार्नस लाबुशेन (4) को सस्ते में निपटाया। हालांकि पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ (42) और कैमरन ग्रीन (नाबाद 51) ने 77 रनों की धैर्यपूर्ण साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही शोरीफुल ने स्मिथ को आउट किया, ऑस्ट्रेलियाई मध्यक्रम ताश के महल की तरह ढह गया।

ऑस्ट्रेलिया ने महज 14 गेंदों के भीतर 4 विकेट गंवा दिए, जिसमें एलेक्स कैरी, ब्यू वेबस्टर, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क लगातार पवेलियन लौट गए। शोरीफुल इस्लाम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 35 रन देकर 6 विकेट चटकाए। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 8 विकेट के नुकसान पर 165 रन बना लिए थे और उसे 101 रनों की बढ़त हासिल हो चुकी थी। क्रीज पर कैमरन ग्रीन 51 और नाथन लायन 10 रन बनाकर नाबाद डटे हुए थे।

51 साल में तीसरी बार बना ऐसा दुर्लभ रिकॉर्ड: जब पहले ही दिन गेंदबाजों ने मचाया कत्लेआम

टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के समृद्ध इतिहास में एक ही दिन में 18 या उससे अधिक विकेट गिरना एक बेहद दुर्लभ घटना मानी जाती है। पिछले 51 वर्षों (साल 1975 से लेकर अब तक) के अंतरराष्ट्रीय टेस्ट रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो यह केवल तीसरा ऐसा मुकाबला है जहां मैच के शुरुआती दिन ही 18 या उससे अधिक विकेट गिरे हैं।

इससे पहले साल 2024 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट के पहले दिन कुल 23 विकेट गिरे थे, जो टेस्ट इतिहास में पहले दिन का सर्वकालिक रिकॉर्ड बन गया था। उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 55 रन पर सिमटी थी, भारत 153 पर ऑलआउट हुआ था और फिर दूसरी पारी में भी दक्षिण अफ्रीका ने 3 विकेट गंवा दिए थे। उससे पहले साल 2018 में भारत और अफगानिस्तान के बीच बेंगलुरु में खेले गए एकमात्र टेस्ट के पहले दिन 24 विकेट गिरे थे। अब 2026 में मकाय की धरती पर ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच गिरे 18 विकेटों ने इस 51 साल पुरानी दुर्लभ सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर बने रिकॉर्ड्स की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई धरती पर किसी टेस्ट के पहले दिन 18 विकेट गिरने का यह नजारा 74 साल बाद देखने को मिला है। इससे पहले साल 1952 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए टेस्ट के पहले दिन 18 विकेट गिरे थे।

इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि दिन भर में गिरे 18 विकेटों में से 12 विकेट दोनों टीमों के बाएं हाथ के प्रमुख तेज गेंदबाजों ने अपने नाम किए। मिचेल स्टार्क के 6/12 और शोरीफुल इस्लाम के 6/35 के बॉलिंग फिगर्स ने यह साबित किया कि जब परिस्थितियां तेज गेंदबाजों के अनुकूल हों, तो बाएं हाथ के एंगल और लेट स्विंग का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए नामुमकिन जैसा हो जाता है।

एक ही दिन में 18 विकेट गिरने के बाद क्रिकेट पंडितों और विशेषज्ञों के बीच पिच के मिजाज को लेकर भी तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मकाय के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना की पिच पर घास की अत्यधिक मात्रा और नीचे मौजूद नमी ने गेंदबाजों को जरूरत से ज्यादा मदद दी, जिसके कारण गेंद अप्रत्याशित रूप से सीम कर रही थी।

हालांकि, स्टीव स्मिथ और कैमरन ग्रीन की तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी ने यह दिखाया कि यदि क्रीज पर टिकने का जज्बा और सही शॉट सेलेक्शन दिखाया जाए, तो इस पिच पर भी रन बनाए जा सकते हैं। अधिकांश बल्लेबाजों के आउट होने की वजह खराब फुटवर्क और हवा में लहराती गेंदों के सामने रक्षात्मक तकनीक की कमी रही।

मकाय टेस्ट के पहले दिन 101 रनों की बढ़त बनाकर ऑस्ट्रेलियाई टीम मनोवैज्ञानिक रूप से जरूर आगे नजर आ रही है, लेकिन मैच का रोमांच पूरी तरह खुला हुआ है। ऑस्ट्रेलिया की कोशिश होगी कि दूसरे दिन के पहले सत्र में कैमरन ग्रीन और नाथन लायन इस बढ़त को 140 से 150 रनों के पार ले जाएं।

मकाय की इस तेज और सीम वाली पिच पर चौथी पारी में 150 रनों का लक्ष्य भी किसी पहाड़ जैसा साबित होगा। दूसरी तरफ, बांग्लादेश की निगाहें जल्द से जल्द बाकी बचे 2 विकेट चटकाकर अपनी दूसरी पारी में संयमित बल्लेबाजी करने पर होंगी। पहले दिन गिरे इन 18 विकेटों ने यह साबित कर दिया है कि टेस्ट क्रिकेट में जब गेंद और बल्ले के बीच बराबरी का कड़ा संघर्ष होता है, तो उसका रोमांच खेल के किसी भी अन्य छोटे प्रारूप से कहीं अधिक रोंगटे खड़े कर देने वाला होता है।