स्मार्ट मीटर की मनमानी पर योगी सरकार का 'हंटर': कंपनियों के पेमेंट पर लगी रोक, अब 45 दिन तक नहीं कटेगा कनेक्शन
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की गड़बड़ियों और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी को लेकर योगी सरकार ने अब तक का सबसे कड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्मार्ट मीटर लगाने वाली निजी कंपनियों को फटकार लगाते हुए उनके भुगतान (Payment) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक जनता संतुष्ट नहीं होगी, कंपनियों को एक रुपया भी जारी नहीं किया जाएगा।
"जनता पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं"
रविवार को हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का रुख बेहद सख्त रहा। उन्होंने कहा कि मीटर लगाने वाली कंपनियों ने ईमानदारी से काम नहीं किया, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मंत्री ने कहा, "भीषण गर्मी में बिजली का बिल जमा होने के बाद भी कई-कई घंटों तक कनेक्शन न जोड़ना उपभोक्ताओं पर अत्याचार है। कंपनियों ने हमारे सिस्टम को धोखा दिया है।"
भुगतान रुकने की मुख्य वजहें:
धीमा रिस्पॉन्स: उपभोक्ता द्वारा पैसा जमा करने के बावजूद कनेक्शन जुड़ने में 4 से 6 घंटे की देरी हो रही है।
इंजीनियरों की अनदेखी: कंपनियां विभागीय अभियंताओं (Engineers) के निर्देशों को अनसुना कर रही हैं।
धूमिल होती छवि: कंपनियों की लापरवाही से बिजली विभाग और सरकार की छवि खराब हो रही है।
उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: 45 दिन तक नहीं कटेगी बिजली
समीक्षा बैठक में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
कन्वर्जन पीरियड: जहां हाल ही में स्मार्ट मीटर लगे हैं, वहां शुरुआती 45 दिनों तक (15 दिन कन्वर्जन + 30 दिन अतिरिक्त) किसी का भी कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
जीरो बैलेंस पर भी बिजली: 2 किलोवॉट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का बैलेंस 'जीरो' होने पर भी 3 दिनों तक या 200 यूनिट तक बिजली सप्लाई नहीं रोकी जाएगी।
SMS अलर्ट: उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने से पहले समय-समय पर एसएमएस (SMS) के जरिए अलर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इंजीनियरों की निगरानी में काम करेंगी कंपनियां
अब मीटर कंपनियां अपनी मर्जी से दूर बैठकर काम नहीं कर पाएंगी। ऊर्जा मंत्री ने आदेश दिया है कि कंपनियों के कर्मचारी अब बिजली विभाग के मुख्य अभियंता (Chief Engineer) के आसपास ही बैठेंगे। इससे उनके काम की सीधी निगरानी हो सकेगी और शिकायतों का निपटारा तत्काल प्रभाव से होगा।
ट्रांसफॉर्मर और ढीले तारों पर भी सख्त आदेश
गर्मी के प्रकोप को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि कहीं ट्रांसफॉर्मर फुंकता है, तो उसे बदलने में बिल्कुल देरी न की जाए। साथ ही ढीले तारों और स्पार्किंग की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने को कहा गया है ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।