मकर संक्रांति पर दीपक कहाँ जलाएं? जानिए घर के 5 शुभ स्थान

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India News Live,Digital Desk : मकर संक्रांति 2026 भारतीय संस्कृति में एक बेहद शुभ पर्व माना जाता है। यह दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है और पुराणों में इसे अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का समय कहा गया है। इसी वजह से इस दिन घर में दीपक जलाने के कुछ खास स्थानों को खास महत्व दिया जाता है, क्योंकि ऐसा किया जाने पर नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है — जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर दीपक जलाने का अर्थ है अज्ञान, तनाव और अंधकार से मुक्ति और जीवन में उत्साह, समृद्धि और उज्जवल भविष्य को आकर्षित करना। दीपक की लौ ज्ञान, ऊर्जा और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती है, इसलिए इसे सही दिशा और स्थान पर जलाना शुभ फल देता है।

दीपक कहाँ जलाना शुभ माना जाता है

1. उत्तर‑पूर्व (ईशान) दिशा

यह दिशा देवी‑देवताओं और सकारात्मक ऊर्जा की दिशा मानी जाती है। मकर संक्रांति के दिन पूजा‑घर या इस दिशा में दीपक जलाने से मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में संतुलन बढ़ने की मान्यता है।

2. मुख्य द्वार के पास

मुख्य प्रवेश द्वार पर दीपक जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और संक्रांति के शुभ प्रभात से सकारात्मक ऊर्जा घर के अन्दर प्रवेश करती है। इससे सुख‑समृद्धि के दरवाज़े खुलने की मान्यता रहती है।

3. पूजा स्थल (मंदिर या देवकोना)

घर के पूजा स्थल पर दीपक जलाना पारंपरिक हिंदू रीति‑रिवाज़ों के अनुरूप शुभ माना जाता है। यह परिवार में सौहार्द, स्वास्थ्य और भाग्य की वृद्धि का प्रतीक है।

4. तुलसी के पास

तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में माँ लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसके पास दीपक जलाने से धन‑सुख और मानसिक शांति बढ़ने का संकेत मिलता है।

5. दक्षिण‑पश्चिम दिशा

इस दिशा को वास्तु में ध्यान देने योग्य स्थान माना जाता है और दीपक जलाने से घर के अंधकार और बाधा दूर होने की मान्यता है। इसका उपयोग विशेष रूप से शाम के समय किया जा सकता है।

दीपक जलाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

 दीपक में दीसी घी या तेल का प्रयोग करने से ऊर्जा सकारात्मक बनी रहती है।
हमेशा दीपक को साफ स्थान पर और व्यवस्थित ढंग से रखें।
दीपक जलाने के बाद ध्यान, प्रार्थना या मंत्र जाप करने से मन को संतोष और शक्ति मिलती है।
खास दिन पर दीपक की संख्या अक्सर विषम (3, 5, 7) रखी जाती है, जिससे शुभ फल मिलने का मान बढ़ता है।

मकर संक्रांति पर दीपक जलाना एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जिसका उद्देश्य जीवन में ऊर्जा, सकारात्मकता और खुशहाली को आमंत्रित करना होता है। इस दिन सही दिशा में दीपक जलाकर आप अपने घर और मन को उज्जवल और सकारात्मक बना सकते हैं — जिससे जीवन में नई शुरुआत, संतुलन और ऊर्जा मिलती रहे।