'रोहित से और क्या चाहते हैं, अटकलें लगाने वालों को कोई मसाला नहीं मिलेगा'; मुंबई रिव्यू मीटिंग के बाद सचिव देवजीत सैकिया का दो टूक संदेश
भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों और दिग्गज सलामी बल्लेबाजों में शुमार रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर बीते कई दिनों से चल रहे अफवाहों के बाजार पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने निर्णायक मुहर लगा दी है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित हाई-प्रोफाइल रिव्यू मीटिंग के बाद बोर्ड ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दिया कि 'हिटमैन' की वनडे टीम में जगह पूरी तरह सुरक्षित है और उनके संन्यास को लेकर लगाई जा रही तमाम अटकलें बेबुनियाद हैं। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हुए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आक्रामक और बेहद स्पष्ट अंदाज में कहा, "वह सभी मैचों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, ऐसे में आप उनसे और क्या चाहते हैं? पिछले ही मैच में उन्होंने 138 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, फिर अटकलें क्यों लगाई जा रही हैं? मैं अटकलें लगाने वालों को कोई मसाला नहीं देना चाहता।" बोर्ड के इस बयान ने न केवल सोशल मीडिया पर चल रही मनगढ़ंत खबरों की हवा निकाल दी है, बल्कि आगामी 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच रोहित शर्मा के प्रशंसकों को सबसे बड़ी राहत दी है।
लॉर्ड्स में 138 रन की ऐतिहासिक पारी: 'हिटमैन' के बल्ले ने पहले ही दिया था करारा जवाब
रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बहस उस समय तेज हुई थी जब उन्होंने पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था और वे अब केवल 50 ओवर के प्रारूप में सक्रिय हैं। हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जाने लगा था कि चयन समिति 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए अब नए और युवा सलामी बल्लेबाजों की ओर बढ़ना चाहती है और इस महीने के आखिर में होने वाली वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज से रोहित को बाहर रखा जा सकता है। यहां तक कि कुछ अपुष्ट खबरों में यह भी दावा कर दिया गया था कि चयन समिति के एक सदस्य ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही रोहित से बात की थी।
हालांकि, रोहित शर्मा ने इन सभी चर्चाओं का जवाब बल्ले से दिया था। जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में रोहित ने महज 110 गेंदों पर 17 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़ते हुए 138 रनों की असाधारण शतकीय पारी खेली थी। वे लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने थे। देवजीत सैकिया ने पत्रकारों को उसी शतक की याद दिलाते हुए साफ किया कि जब एक 39 वर्षीय बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ लगातार मैच-विनिंग पारियां खेल रहा हो, तो उसकी काबिलियत या टीम में उसकी मौजूदगी पर सवाल खड़े करना पूरी तरह अतार्किक है।
बंद कमरे में 3 घंटे का मंथन: गंभीर, गिल, अय्यर और लक्ष्मण की मौजूदगी में क्या हुआ?
बीसीसीआई मुख्यालय में गुरुवार को हुई यह रिव्यू मीटिंग कोई सामान्य बैठक नहीं थी, बल्कि इसमें भारतीय क्रिकेट के वर्तमान और भविष्य का पूरा नेतृत्व मौजूद था। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य कोच गौतम गंभीर, टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी संभाल रहे शुभमन गिल, टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर, बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास, सचिव देवजीत सैकिया और बेंगलुरु स्थित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (पूर्व में एनसीए) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण एक साथ मेज पर मौजूद थे। हालांकि, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर, जिनका कार्यकाल आगामी अक्टूबर में समाप्त हो रहा है, शहर से बाहर होने और व्यक्तिगत कारणों के चलते इस बैठक में शामिल नहीं हो सके।
बैठक के बाद देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि यह कोई औपचारिक चयन समिति की बैठक नहीं थी, बल्कि यह बोर्ड की नियमित त्रैमासिक समीक्षा (क्वार्टरली रिव्यू) थी, जिसमें भारतीय टीम के हालिया इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया। बैठक में इस बात पर गहन चर्चा हुई कि टीम ने सीमित ओवरों के मैचों में कहां गलतियां कीं और आने वाले 12 महीनों के दौरान भारतीय टीम के प्रदर्शन को और बेहतर कैसे बनाया जाए। सैकिया ने यह भी साफ कर दिया कि बैठक में अजीत अगरकर के कार्यकाल विस्तार या किसी नए 'डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट' की नियुक्ति पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसके साथ ही, यह भी तय किया गया कि जापान में आयोजित होने वाले 'एशियन गेम्स 2026' में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की कमान वीवीएस लक्ष्मण ही संभालेंगे।
2027 वनडे वर्ल्ड कप का रोडमैप: 40 की उम्र और यशस्वी जायसवाल की चुनौती
भारतीय क्रिकेट के गलियारों में सबसे बड़ा रणनीतिक सवाल यह है कि क्या रोहित शर्मा दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक टीम का हिस्सा बने रह सकते हैं? अक्टूबर-नवंबर 2027 में जब यह विश्व कप खेला जाएगा, तब रोहित शर्मा की उम्र 40 वर्ष के पार पहुंच चुकी होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का एक तबका लगातार यह तर्क दे रहा है कि युवा यशस्वी जायसवाल, जिन्होंने अपने शुरुआती 6 वनडे मैचों में ही दो शतक जड़कर अपनी असाधारण क्षमता साबित कर दी है, उन्हें नियमित ओपनर के तौर पर तैयार किया जाना चाहिए। इसके अलावा, रोहित शर्मा का दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर पुराना रिकॉर्ड भी बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा है।
लेकिन टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई का मानना है कि रोहित शर्मा का कद केवल उनकी उम्र से नहीं आंका जा सकता। 288 वनडे मैचों में 11,895 से अधिक रन, 34 शतक और 62 अर्धशतक बनाने वाले रोहित के पास वह विशाल अनुभव और बड़े टूर्नामेंटों का दबाव झेलने की क्षमता है जो किसी भी युवा खिलाड़ी में रातोंरात पैदा नहीं की जा सकती। टीम के रणनीतिकारों का मत है कि विश्व कप से ठीक एक साल पहले किसी स्थापित और फॉर्म में चल रहे दिग्गज बल्लेबाज को अचानक बाहर का रास्ता दिखाना आत्मघाती साबित हो सकता है। इसलिए बोर्ड का स्पष्ट रुख है कि यशस्वी जायसवाल को धीरे-धीरे मौके दिए जाते रहेंगे, लेकिन रोहित शर्मा की जगह पर तब तक कोई सवाल नहीं उठेगा जब तक उनका बल्ला रन उगल रहा है और वे फिटनेस के मानकों पर खरे उतर रहे हैं।
वर्कलोड, लगातार चोटें और 2 महीने का आईपीएल: खिलाड़ियों की फिटनेस पर चिंता
रिव्यू मीटिंग में रोहित शर्मा के मुद्दे के अलावा जिस विषय पर सबसे तीखी और गंभीर चर्चा हुई, वह थी प्रमुख भारतीय खिलाड़ियों की लगातार हो रही चोटें। हाल के दौर में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, उपकप्तान हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा जैसे अहम खिलाड़ी चोटों से जूझते नजर आए हैं और अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए भी उनकी उपलब्धता मेडिकल फिटनेस पर टिकी है।
बीसीसीआई सचिव ने इस संकट की सीधी वजह खिलाड़ियों के व्यस्त शेड्यूल और वर्कलोड को बताया। उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों को लगातार बहुत ज्यादा मैच खेलने पड़ रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर गई हमारी 15 सदस्यीय टीम में से तीन से चार खिलाड़ी चोटिल हो गए। हमें यह सच्चाई स्वीकार करनी होगी कि विदेशी दौरों से पहले खिलाड़ी लगातार दो महीने तक आईपीएल के अत्यधिक तनावपूर्ण माहौल में खेलते हैं, जिसका सीधा असर उनके शरीर और फिटनेस पर पड़ता है।" सैकिया ने बताया कि बोर्ड अब फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) के तहत नए प्रोटोकॉल तैयार कर रहा है। इसके तहत कप्तानों और मुख्य कोच गौतम गंभीर से इनपुट लिए जा रहे हैं ताकि सेना (SENA - दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया) देशों के दौरों से पहले खिलाड़ियों को पर्याप्त विश्राम मिले, वहां की परिस्थितियों में ढलने का समय मिले और अनिवार्य अभ्यास मैच खेले जा सकें।
अटकलों का दौर समाप्त: वेस्टइंडीज सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए तैयार 'हिटमैन'
बीसीसीआई की इस दो टूक और आधिकारिक सफाई ने उन सभी अटकलों पर हमेशा के लिए पर्दा डाल दिया है जो रोहित शर्मा के करियर को लेकर सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स में तूल पकड़ रही थीं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि मीडिया की टीआरपी या किसी मनगढ़ंत कहानी के आधार पर भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों के भविष्य का फैसला नहीं होता।
रोहित शर्मा अब पूरी एकाग्रता के साथ आगामी घरेलू सीजन और वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज की तैयारियों में जुटेंगे। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर एक सुकून देने वाली है कि ड्रेसिंग रूम में गौतम गंभीर की आक्रामक कोचिंग, शुभमन गिल के नेतृत्व और रोहित शर्मा के बेमिसाल अनुभव की यह तिकड़ी 2027 के आईसीसी खिताब के सूखे को खत्म करने के लिए पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।