बांग्लादेश के नए नोटों पर अब हिंदू मंदिर, शेख मुजीब की तस्वीर गायब! क्या है नया बदलाव?

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बांग्लादेश बैंक (बांग्लादेश का केंद्रीय बैंक) ने अपने नए नोटों के डिजाइनों में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ढाका स्थित इस बैंक ने अपने विभिन्न मूल्यवर्ग के नोटों में कुछ प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों को चित्रित किया है, जिनमें जातीय सांस्कृतिक धरोहर और यहां तक कि एक हिंदू मंदिर भी शामिल है. खास बात यह है कि इन नए डिजाइनों में देश के संस्थापक, बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की पारंपरिक तस्वीर अब नहीं होगी, जिनकी तस्वीर पहले बांग्लादेशी नोटों पर प्रमुखता से प्रदर्शित होती थी.

जोशी हटेब नाम के ग्राफिक डिजाइनर के नेतृत्व में बांग्लादेश बैंक की एक आंतरिक टीम ने इन नए डिजाइनों पर काम किया है. इन नए नोटों में दो प्रतिष्ठित इमारतों, ऐतिहासिक करपड़ंगा नीलाकुठी और प्रसिद्ध कांताजी मंदिर को प्रमुखता से दर्शाया गया है. नीलाकुठी ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के अत्याचारों और स्वदेशी विरोध का प्रतीक है, जबकि कांताजी मंदिर हिंदू विरासत का प्रतिनिधित्व करता है. माना जा रहा है कि यह परिवर्तन धार्मिक समावेशिता और राष्ट्रीय पहचान के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाने के लिए किया गया है. हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह नोटों में से शेख मुजीब की तस्वीर को स्थायी रूप से हटाना नहीं है, बल्कि कुछ नए डिज़ाइन पेश करना है.

सूत्रों के अनुसार, शुरुआती चरणों में, बैंक के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी. कुछ नए नोट डिजाइनों को अंतिम रूप देने के लिए देश के जाने-माने शिक्षाविदों, चित्रकारों और कला समीक्षकों की भी सहायता ली गई थी. यह कदम राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है, खासकर देश में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर चल रही बहसों के मद्देनजर. बांग्लादेश सरकार इस परिवर्तन को राष्ट्रीय मूल्यों और समावेशिता के साथ संरेखित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसका प्रभाव भविष्य में और अधिक स्पष्ट होगा.