UP Weather: मौसम ने फिर बदली करवट, आंधी और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी (Monsoon Withdrawal) की प्रक्रिया के बीच मौसमी परिस्थितियों में आए अचानक बदलाव ने एक बार फिर बारिश का दौर शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे मध्य भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तथा बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते राज्य के वायुमंडल में भारी अस्थिरता पैदा हुई है। इसके प्रभाव से प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी अंचलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और अगले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज आंधी, वज्रपात (बिजली गिरने) और रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पोस्ट-मानसून सीजन के इस चरण में बनने वाले लोकल थंडरस्टॉर्म सिस्टम काफी आक्रामक होते हैं। इस दौरान आसमान में घने कपासी-वर्षी (Cumulonimbus) बादल विकसित होते हैं, जो तेज हवाओं के साथ कम समय में भारी बौछारें कराते हैं।
40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के मुताबिक, बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे, और कुछ स्थानों पर झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज आंधी चलने के आसार हैं। विशेष रूप से खुले ग्रामीण इलाकों और तराई क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा अधिक रहेगा।
मध्य व पूर्वी यूपी (पूर्वांचल): लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ, बलिया, वाराणसी और प्रयागराज में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का सीधा असर देखा जा सकता है।
पश्चिमी यूपी व ब्रज क्षेत्र: आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बरेली, बिजनौर और बदायूं के कुछ इलाकों में छिटपुट बौछारों और तेज हवाओं के चलने का अनुमान है।
राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान लगभग 31°C से 32°C और न्यूनतम तापमान 22°C से 23°C के आसपास रहने की संभावना है। बादलों और बारिश के चलते दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
किसानों और आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
मौसम में आए इस अप्रत्याशित बदलाव को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग ने किसानों व आम जनता के लिए सतर्कता दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
खेतों में कटी फसल को सुरक्षित रखें: इस समय धान की पछेती फसल और तिलहनी फसलों की कटाई व मड़ाई का काम चल रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित तिरपाल से ढकें या गोदामों में रखें ताकि भीगने से बर्बादी न हो।
बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे न लें शरण: आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए बारिश और आंधी के समय बड़े पेड़ों, टीनशेड, बिजली के खंभों या मोबाइल टावरों के नीचे खड़े होने से बचें।
जर्जर इमारतों और होर्डिंग्स से दूर रहें: तेज झोंकेदार हवाओं के दौरान कमजोर दीवारों, जर्जर मकानों और बड़े विज्ञापन होर्डिंग्स के पास वाहन पार्क करने या खड़े होने से परहेज करें।
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह मौसमी हलचल आगामी दो दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय रहेगी, जिसके बाद पश्चिमी हवाओं का जोर बढ़ने के साथ मौसम धीरे-धीरे शुष्क होगा और सुबह-शाम गुलाबी ठंड की दस्तक शुरू हो जाएगी।